"सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली"
💬 अर्थ
पाप करने के बाद पुण्य का ढोंग करना।
✏️ वाक्यात उपयोग
जीवन भर भ्रष्टाचार करने वाला नेता अब नैतिकता की बातें कर रहा है, यह तो वही हुआ—सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।
पाप करने के बाद पुण्य का ढोंग करना।
जीवन भर भ्रष्टाचार करने वाला नेता अब नैतिकता की बातें कर रहा है, यह तो वही हुआ—सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।
समय निकल जाने के बाद पछतावा करना बेकार है।
साल भर पढ़ाई नहीं की और अब फेल होने पर रो रहे हो, अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत।
वांछित वस्तु का अनायास मिल जाना।
बेरोजगार को नौकरी का ऑफर मिल गया, अंधा क्या चाहे दो आँखें।
एक बार धोखा खाने के बाद बहुत सावधान हो जाना।
व्यापार में एक बार घाटा होने के बाद वह बहुत सतर्क रहता है, क्योंकि दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँक कर पीता है।
कहीं का न रहना।
उसने पहली नौकरी छोड़ दी और दूसरी उसे मिली नहीं, अब वह धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का हो गया है।
पक्षपाती व्यक्ति को सब कुछ वैसा ही लगता है जैसा वह देखना चाहता है।
अमीर आदमी को लगता है कि दुनिया में कोई गरीब नहीं, सावन के अंधे को हरा ही हरा दिखता है।
अवसर का लाभ उठाना।
जब सब लोग मुफ्त राशन ले रहे थे, तो मैंने भी बहती गंगा में हाथ धो लिए।
गुणहीन व्यक्ति अधिक दिखावा करता है।
उसे संगीत का कोई ज्ञान नहीं पर उपदेश बहुत देता है, वही बात है—थोथा चना बाजे घना।
ईश्वर जिसकी रक्षा करे उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
प्लेन क्रैश में भी वह बच्चा बच गया, सच ही कहा है—जाको राखे साइयाँ मार सके न कोय।
एक बुरा व्यक्ति पूरे समूह को खराब कर देता है।
कक्षा में एक शरारती लड़के की वजह से पूरी क्लास बदनाम हो गई, सच है—एक गंदी मछली सारे तालाब को गंदा कर देती है।
निर्लज्ज या बेशर्म हो जाना।
उसकी आँखों का पानी मर गया है, तभी वह बड़ों के सामने गाली-गलौज कर रहा है।
संकट से बाहर निकालना।
जब व्यापार डूब रहा था, तब मित्र ने पैसे देकर मेरी डूबती नैया पार लगाई।