"आबरू उतारना"
💬 अर्थ
बेइज्जती करना
✏️ वाक्यात उपयोग
भरी सभा में उसने अपने बड़े भाई की आबरू उतार दी।
बेइज्जती करना
भरी सभा में उसने अपने बड़े भाई की आबरू उतार दी।
शर्मिंदा होना
चोरी पकड़े जाने पर वह अपना सा मुँह लेकर रह गया।
जीवन की कठिनाइयों का अनुभव होना
जब खुद कमाओगे तब आटे-दाल का भाव मालूम होगा।
बहुत इंतज़ार करना
बेटे की राह देखते-देखते माँ की आँखें पथरा गईं।
प्रेम होना या आमना-सामना होना
मेले में दोनों मित्रों की आँखें चार हुईं तो वे बहुत खुश हुए।
धोखा देना
चोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भाग गया।
अयोग्य को मूल्यवान वस्तु मिलना
अनपढ़ रामू को सरकारी नौकरी मिल गई, यह तो अंधे के हाथ बटेर लगने जैसी बात है।
बुद्धि भ्रष्ट होना
विद्वान व्यक्ति की बातों पर ध्यान न देकर उसने अपनी अक्ल पर पत्थर डाल लिए।
आसानी से उपलब्ध या अपने अधिकार की वस्तु।
पैसे की चिंता मत करो, यह तो मेरे लिए घर की खेती है।
नाम बहुत अधिक पर गुणवत्ता बहुत कम।
उस बड़े शोरूम के कपड़े पहली धुलाई में ही खराब हो गए, इसे कहते हैं ऊँची दुकान फीका पकवान।
अपने क्षेत्र में कमज़ोर भी ताकतवर महसूस करता है।
तुम अपने घर में मुझे धमका रहे हो, पर याद रखना—अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता है।
इच्छाशक्ति होने पर रास्ता मिल ही जाता है।
उसने गरीबी में भी मेहनत कर आई.ए.एस. पास किया, सच है—जहाँ चाह वहाँ राह।