"बगल में छोरा शहर में ढिंढोरा"
💬 अर्थ
पास रखी वस्तु को दूर खोजना।
✏️ वाक्यात उपयोग
चश्मा दादाजी के सिर पर था और वह पूरे घर में ढूँढ रहे थे, वही हुआ—बगल में छोरा शहर में ढिंढोरा।
पास रखी वस्तु को दूर खोजना।
चश्मा दादाजी के सिर पर था और वह पूरे घर में ढूँढ रहे थे, वही हुआ—बगल में छोरा शहर में ढिंढोरा।
देखा-देखी व्यवहार करना या संगति का असर होना।
एक को छुट्टी लेते देख सबने आवेदन दे दिया, सच है कि खरबूजे को देख खरबूजा रंग बदलता है।
सच्चे व्यक्ति को किसी का डर नहीं होता।
यदि तुमने पैसे नहीं चुराए हैं तो डरो मत, क्योंकि साँच को आँच नहीं।
दुगुना लाभ प्राप्त करना।
अखबार पढ़कर रद्दी में बेच दिए, इसे कहते हैं आम के आम गुठलियों के दाम।
जैसे मुखिया, वैसे ही उसके साथी।
भ्रष्ट अधिकारी के सारे कर्मचारी भी वैसे ही हैं, इसे कहते हैं जस दूल्हा तस बनी बराता।
शक्तिशाली व्यक्ति की ही जीत होती है।
गाँव की पंचायत में अमीर की ही चली, सच है कि जिसकी लाठी उसकी भैंस।
बहुत अधिक परिश्रम करने पर भी कम फल मिलना।
दिन भर की जाँच के बाद पुलिस को केवल एक छोटा सा चोर मिला, वही हुआ खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
दूर से चीजें अच्छी लगती हैं पर वास्तविकता अलग होती है।
विदेश की जिंदगी दूर से अच्छी लगती है, पर सच तो यह है कि दूर के ढोल सुहावने होते हैं।
जबरदस्ती किसी के गले पड़ना।
वह बिना बुलाए ही पार्टी में आ गया, यह तो वही बात हुई—मान न मान मैं तेरा मेहमान।
एक मुसीबत के ऊपर दूसरी मुसीबत का आ जाना।
नौकरी पहले ही छूट गई थी, अब बीमारी ने घेर लिया, इसे कहते हैं कंगाली में आटा गीला।
प्रतिष्ठा या सम्मान का प्रश्न होना
इस प्रतियोगिता को जीतना अब गाँव के लिए मूँछ का सवाल बन गया है।
भरी सभा में किसी का अपमान करना
बुजुर्गों की पगड़ी उछालना किसी भी सभ्य समाज के लिए शोभा नहीं देता।