गुरुवार, 20 ऑगस्ट 2026
आज

शालेय परिपाठ म्हणजे महाराष्ट्रातील शाळांमध्ये दररोज सकाळी होणारा कार्यक्रम. या पृष्ठावर आजचा संपूर्ण परिपाठ — सुविचार, पंचांग, दिनविशेष, सुभाषित, बातम्या, बोधकथा आणि इतर उपयुक्त माहिती उपलब्ध आहे.

💡 सुविचार

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"भाषा ही हमारे विचारों का शस्त्र है।Meaning_en: Our mother tongue is the foundation of our progress and identity.Meaning_hi: हमारी मातृभाषा हमारी प्रगति और पहचान की नींव है।person_ref:{"slug":"vishnushastri-chiplunkar","name_mr":"विष्णुशास्त्री चिपळूणकर","auto_create":true,"birth_date":"1850-05-20","death_date":"1882-03-17","name_en":"Vishnushastri Chiplunkar","name_hi":"Vishnushastri Chiplunkar","person_type":"Writer","short_bio_en":"A powerful writer known as the 'Shivaji of Marathi Language'.","short_bio_mr":"'मराठी भाषेचे शिवाजी' म्हणून ओळखले जाणारे प्रभावशाली लेखक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Vishnushastri_Krishnashastri_Chiplunkar"}"

— विष्णुशास्त्री चिपलूनकर

📅 पंचांग

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📌 दिन विशेष

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  • 🕯️
    बी. के. एस. अय्यंगार स्मृतिदिन (2014 — 12 वर्षे)
  • 🕯️
    डॉ. नरेंद्र दाभोलकर स्मृतिदिन (2013 — 13 वर्षे)
  • 📌
    व्हॉयेजर २ चे प्रक्षेपण (1977 — 49 वर्षे)
  • 🎂
    एन. आर. नारायण मूर्ती जयंती (1946 — 80 वर्षे)
  • 🕯️
    राम शरण शर्मा स्मृतिदिन (2011 — 15 वर्षे)

🕉️ संस्कृत सुभाषित

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🗣️ मुहावरे

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🎯 क्विझ सोडवा

📖 आजची बोधकथा

सर्व कथा
🦁

दो सिरों वाला पक्षी

बहुत समय पहले, एक बड़ी झील के किनारे एक पेड़ पर 'भारुंड' नाम का एक अद्भुत पक्षी ...

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📰 आजच्या बातम्या

सर्व बातम्या

🇮🇳 Jana Gana Mana

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जन-गण-मन अधिनायक जय हे,
भारत-भाग्य-विधाता।
पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा,
द्राविड़-उत्कल-बङ्ग।
विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा,
उच्छल-जलधि-तरङ्ग।
तव शुभ नामे जागे,
तव शुभ आशिष मागे,
गाहे तव जय-गाथा।
जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे,
भारत-भाग्य-विधाता।
जय हे, जय हे, जय हे,
जय जय जय जय हे॥

National Pledge (Pratidnya / Pratigya)

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भारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं।
मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है।
मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा।
मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा।
मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ।
उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।

📜 Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)

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हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को:
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय,
विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,
प्रतिष्ठा और अवसर की समता,
प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए
दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।

🪷 Vande Mataram

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वन्दे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलां मातरम्।
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं,
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं,
सुखदां वरदां मातरम्॥

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