परिपाठ
दैनिक परिपाठ — सुविचार, पंचांग, दिन विशेष, संस्कृत सुभाषित, बोधकथा और बहुत कुछ एक ही जगह।
आजचे विशेष
बुधवार, 17 जून 2026सुविचार
→❝ देने की वृत्ति ही महान है। ❞
देने वाला देता रहे, लेने वाला लेता रहे; एक दिन लेने वाला देने वाले जैसा उदार बन जाए।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →जी. जी. आगरकर
एक थोर समाजसुधारक, विचारवंत आणि 'सुधारक' वृत्तपत्राचे संपादक.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि अर्जुना ऐकें । जो इंद्रियांतें न जिंके । तो विषयांचेनि कौतुकें । नागविजे गा ॥ २०८ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना ऐक, जो आपल्या इंद्रियांवर ताबा मिळवत नाही, तो विषयांच्या मोहामुळे नागवला जातो (त्याचे नुकसान होते).
तैसे कर्माचेनि आधारें । कर्मचि सांडिजे निधारें । जैसें नावेचेनि संचारे । थडिये पाविजे ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे नदी ओलांडण्यासाठी आपण नावेचा आधार घेतो आणि पलीकडच्या तीरावर पोहोचल्यावर ती नाव सोडून देतो, त्याचप्रमाणे कर्माच्या आधारानेच कर्माचा त्याग (निष्काम अवस्था) साध्य करायचा असतो.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
साबरमती आश्रमाची स्थापना
1917
स्टॅच्यु ऑफ लिबर्टीचे अमेरिकेत आगमन
1885
झाशीची राणी लक्ष्मीबाई स्मृतिदिन
1858
राजमाता जिजाबाई पुण्यतिथी
1674रॉडने किंग यांचे निधन
2012जागतिक वाळवंटीकरण आणि दुष्काळ विरोधी दिन
1994दक्षिण आफ्रिकेतील वर्णभेद कायद्याची समाप्ती
1991राजीव गांधी फाउंडेशनची स्थापना
1991हरिराम विनायक उर्फ अण्णासाहेब पटवर्धन पुण्यतिथी
1987केंड्रिक लमार जन्मदिन
1987अमृता राव जन्मदिन
1981शेन वॉटसन जन्मदिन
1981व्हीनस विल्यम्स जन्मदिन
1980लिअँडर पेस जन्मदिन
1973वॉटरगेट स्कँडलची सुरुवात
1972चीनची पहिली हायड्रोजन बॉम्ब चाचणी
1967जुगल किशोर बिर्ला पुण्यतिथी
1967जगातील पहिले यशस्वी किडनी प्रत्यारोपण
1950आइसलँड प्रजासत्ताक दिन
1944ऑपरेशन एरियल
1940फ्रान्समध्ये शेवटची जाहीर फाशी
1939तिग्रान पेट्रोसियन जन्मदिन
1929पंडरीनाथ कोल्हापुरे जन्मदिन
1928दाजी भाटवडेकर जन्मदिन
1913कलेक्टर ॲश यांची हत्या
1911डॉ. संपूर्णानंद जन्मदिन
1901डॉ. विश्राम रामजी घोले पुण्यतिथी
1900इगोर स्ट्राविन्स्की जन्मदिन
1882बंकर हिलची लढाई
1775मुमताज महाल यांचे निधन
1631मुहावरे
"अंथरूण पाहून पाय पसरावे"
💬 आपल्या ऐपतीनुसार किंवा परिस्थितीनुसार खर्च करावा.
📝 कर्ज काढून नवीन कार घेण्यापेक्षा अंथरूण पाहून पाय पसरावे, हेच शहाणपणाचे लक्षण आहे.
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: डॉक्टरकडे संवाद आणि सल्ला
सहाय्यकारी क्रियापदे: Should (सल्ला देणे)
- prescription — नुस्खा (दवा की पर्ची)
- symptom — लक्षण
- dose — खुराक
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →शैक्षणिक ब्लॉग जल्द ही आ रहे हैं!
हम नए दिशानिर्देश, प्रार्थना सभा टिप्स और समाचार विश्लेषण लिख रहे हैं। जल्द ही मिलेंगे!
ब्लॉग विभागाला भेट द्याशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥