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दो सिरों वाला पक्षी

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बहुत समय पहले, एक बड़ी झील के किनारे एक पेड़ पर 'भारुंड' नाम का एक अद्भुत पक्षी रहता था। इस पक्षी की विशेषता यह थी कि इसके दो सिर थे, लेकिन शरीर और पेट एक ही था। दोनों सिर स्वतंत्र रूप से सोच सकते थे और अलग-अलग बातें कर सकते थे। एक दिन, पक्षी के एक सिर को पेड़ पर घूमते समय एक बहुत ही मीठा और रसीला फल दिखाई दिया। उस सिर ने वह फल खाना शुरू कर दिया। फल इतना स्वादिष्ट था कि वह सिर खुशी से झूम उठा। यह देखकर दूसरे सिर ने पूछा, "दोस्त, यह फल बहुत अच्छा लग रहा है, क्या मुझे भी इसका स्वाद चखने दोगे?" लेकिन पहले सिर ने स्वार्थ में उत्तर दिया, "नहीं, हमारा पेट तो एक ही है। मैं खाऊं या तुम खाओ, भूख तो दोनों की ही मिटेगी। फिर तुम्हें अलग से देने की क्या जरूरत है?" यह सुनकर दूसरे सिर को बहुत बुरा लगा और गुस्सा भी आया। उसने मन ही मन सोचा, "इसने मेरा अपमान किया है, मैं इसका बदला जरूर लूंगा।" कुछ दिनों बाद, दूसरे सिर को एक पेड़ पर एक जहरीला फल दिखाई दिया। उसने वह फल तोड़ा और पहले सिर को धमकी दी, "तुमने मुझे उस दिन मीठा फल नहीं दिया था न? अब देखो, मैं यह जहरीला फल खाऊंगा। इससे तुम मर जाओगे।" पहले सिर ने बहुत विनती की, "अरे मूर्ख, ऐसा मत करो! हम दोनों एक ही शरीर के हिस्से हैं। अगर तुम जहर खाओगे, तो सिर्फ मैं ही नहीं, तुम भी मर जाओगे। हम दोनों की जान एक ही पेट में है।" लेकिन गुस्से में अंधे हुए दूसरे सिर ने किसी की नहीं सुनी। उसने वह जहरीला फल खा लिया। थोड़ी ही देर में जहर पूरे शरीर में फैल गया और उस एक गलत फैसले के कारण उस अनोखे पक्षी की मृत्यु हो गई।

💡 सीख

आपसी कलह और बदले की भावना विनाश का कारण बनती है।

📝 स्पष्टीकरण (Explanation)

भारुंड पक्षी की कहानी हमें सिखाती है कि जब एक ही परिवार या समूह के सदस्य आपस में लड़ते हैं, तो वे अंततः खुद को ही नष्ट कर लेते हैं। जीवित रहने के लिए एकता आवश्यक है।

🤔 Discussion Questions

Q1 दुसऱ्या तोंडाला पहिल्या तोंडाचा राग का आला?
Ans: दुसऱ्या तोंडाला राग आला कारण पहिल्या तोंडाने त्याला गोड फळ देण्यास नकार दिला आणि त्याचा अपमान केला.
Q2 या गोष्टीतून आपण संघकार्याबद्दल (Teamwork) कोणता धडा शिकतो?
Ans: या गोष्टीतून आपण शिकतो की आपण आपल्याच लोकांच्या विरोधात काम केले तर सर्वांचेच नुकसान होते.