"डंके की चोट पर कहना"
💬 अर्थ
साहस के साथ सबके सामने कहना।
✏️ वाक्यात उपयोग
मैं डंके की चोट पर कहता हूँ कि मैंने कोई चोरी नहीं की है।
साहस के साथ सबके सामने कहना।
मैं डंके की चोट पर कहता हूँ कि मैंने कोई चोरी नहीं की है।
कठिन कार्य होना।
आज के समय में सरकारी नौकरी पाना टेढ़ी खीर है।
बेवजह बाधा डालना।
तुम्हें दूसरों के निजी मामलों में टाँग अड़ाने की आदत छोड़ देनी चाहिए।
मृत्यु की परवाह न करना।
सैनिक अपनी जान हथेली पर रखकर सीमा की रक्षा करते हैं।
कड़वी बात को चुपचाप सहन कर लेना।
अपमान सहने के बाद भी वह चुप रहा, मानो उसने जहर का घूँट पी लिया हो।
दुखी व्यक्ति को और दुखी करना।
जब वह पहले से ही परीक्षा में फेल होने से दुखी है, तो तुम उसे ताने देकर जले पर नमक क्यों छिड़क रहे हो?
भारी संकट में पड़ना या बहुत कष्ट होना।
पुलिस की पिटाई ने चोर को छठी का दूध याद दिला दिया।
अत्यधिक घनिष्ठता होना।
राम और श्याम की दोस्ती चोली-दामन के साथ जैसी है।
जिस पर किसी बात का कोई असर न हो।
उसे कितना भी समझाओ, वह तो चिकना घड़ा है, उस पर कोई असर नहीं होता।
किसी के वश में आ जाना या फंस जाना।
बेचारा भोला आदमी जालसाजों के चंगुल में फँस गया।
निश्चिंत होकर सोना।
बेटी की शादी करने के बाद पिताजी अब घोड़े बेचकर सो रहे हैं।
बहुत खुशियाँ मनाना।
जब राम वनवास से वापस लौटे, तो अयोध्यावासियों ने घी के दीये जलाए।