परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
सोमवार, 02 नोव्हेंबर 2026सुविचार
→❝ शिक्षा के बिना मति गई, मति के बिना नीति गई, नीति के बिना गति गई, गति के बिना वित्त गया, इतने अनर्थ एक अविद्या ने किए। Meaning_en: Education is the root of all progress; its absence leads to total downfall. Meaning_hi: शिक्षा ही उन्नति का आधार है, इसके बिना मनुष्य का सर्वांगीण पतन होता है। person_ref: {slug: jyotirao-phule, name_mr: ज्योतिराव फुले, auto_create: true, birth_date: 1827-04-11, death_date: 1890-11-28, name_en: Jyotirao Phule, name_hi: ज्योतिराव फुले, person_type: Social Reformer, short_bio_en: Indian social activist and thinker who worked for the upliftment of oppressed classes., short_bio_mr: थोर समाजसुधारक ज्यांनी शिक्षण आणि समतेसाठी आयुष्य वेचले., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/Jyotirao_Phule}, tags: [{slug: education, name_mr: शिक्षण, name_en: Education}, {slug: progress, name_mr: प्रगती, name_en: Progress}] ❞
शिक्षणाअभावी माणसाचे बौद्धिक, नैतिक आणि आर्थिक नुकसान होते.
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि कर्म सांडिजे । कीं कर्मठ होईजे । हें कांहींच न कीजे । सर्वथा येथ ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्माचा त्याग करावा किंवा केवळ कर्मकांडात अडकून राहावे, या दोन्ही गोष्टी येथे करू नयेत.
म्हणोनि कर्माचेनि आधारे । जे कर्मचि सांडिजे निवारे । ते युक्ती पैं सोपारे । जाणणें आहे ॥ ६२ ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्माच्याच मदतीने कर्माचा त्याग कसा करावा, ही सोपी युक्ती समजून घेणे खूप महत्त्वाचे आहे.
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: क्षमता दर्शवण्यासाठी 'Can' चा वापर
सहाय्यक क्रियापदे: Can आणि Cannot
- clean — साफ करना
- help — मदद करना
- finish — पूरा करना
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥