"इंसानियत ही इंसान का असली गहना है।" — वि. स. खांडेकर 💬 अर्थ फूलों में सुगंध न हो तो चलेगा, लेकिन मनुष्य में मानवता होनी चाहिए। 📎 स्रोत: ययाती आणि इतर साहित्य