"मरने के बाद भी कीर्ति के रूप में जीवित रहें।" — समर्थ रामदास 💬 अर्थ मृत्यु के पश्चात भी अपने यश और कर्मों के रूप में जीवित रहना चाहिए। 📎 स्रोत: मनाचे श्लोक