कृतघ्न सुनार और कृतज्ञ जानवर
एक समय की बात है, एक गाँव में यज्ञदत्त नाम का एक गरीब ब्राह्मण रहता था। वह बहुत दयालु और धार्मिक स्वभाव का था। एक दिन, भोजन की तलाश में जंगल से गुजरते समय, उसने एक पुराने सूखे कुएँ में कुछ जानवरों को फँसा हुआ देखा। कुएँ में एक बाघ, एक बंदर, एक साँप और एक आदमी था। ब्राह्मण को देखकर बाघ ने कहा, 'हे दयालु ब्राह्मण, कृपया हमें इस कुएँ से बाहर निकालें। मैं वादा करता हूँ कि मैं आपको नुकसान नहीं पहुँचाऊँगा।' ब्राह्मण ने बाघ को बाहर निकाला। फिर उसने बंदर और साँप को भी बाहर निकाला। तीनों जानवरों ने ब्राह्मण का धन्यवाद किया और उसे चेतावनी दी, 'चाहे कुछ भी हो जाए, उस आदमी को बाहर मत निकालना। वह बहुत कृतघ्न और धोखेबाज है।' लेकिन ब्राह्मण को उस आदमी पर दया आ गई। जानवरों की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए, उसने उस आदमी को भी बाहर निकाल लिया। उस आदमी ने बताया कि वह एक सुनार है और शहर में रहता है। कुछ समय बाद, ब्राह्मण पर बुरा वक्त आया। जंगल में उसे वही बंदर मिला, जिसने उसे मीठे फल दिए। फिर वह बाघ से मिला, जिसने उसे सोने के आभूषण दिए जो उसने एक राजकुमार से प्राप्त किए थे। ब्राह्मण ने सोचा कि इन्हें बेचकर उसकी गरीबी दूर हो जाएगी। वह उसी सुनार के पास गया जिसे उसने बचाया था। लेकिन सुनार दुष्ट निकला। उसने सोचा कि अगर वह राजा को इन आभूषणों के बारे में बताएगा, तो उसे इनाम मिलेगा। उसने राजा से झूठ बोला कि ब्राह्मण ने राजकुमार की हत्या कर गहने चुराए हैं। ब्राह्मण को जेल में डाल दिया गया। संकट में उसने साँप को याद किया। साँप प्रकट हुआ और उसने एक योजना बनाई। उसने रानी को काट लिया और ब्राह्मण को बताया कि केवल उसके स्पर्श से ही जहर उतरेगा। जब ब्राह्मण ने रानी को छुआ, तो वह ठीक हो गई। राजा ने ब्राह्मण का आभार व्यक्त किया और सच्चाई जानी। पूरी कहानी सुनने के बाद, राजा ने कृतघ्न सुनार को सजा दी और ब्राह्मण को सम्मानित किया।
💡 सीख
उपकार का बदला कृतज्ञता से मिलता है, लेकिन विश्वासघाती लोगों से हमेशा सावधान रहना चाहिए।
📝 स्पष्टीकरण (Explanation)
यह कहानी इस बात पर प्रकाश डालती है कि कृतज्ञता का गुण जंगली जानवरों में भी पाया जाता है, जबकि कुछ मनुष्य कपटी और एहसान फरामोश हो सकते हैं। यह हमें सिखाता है कि हमें किस पर भरोसा करना चाहिए, इसके प्रति विवेकपूर्ण होना चाहिए क्योंकि चरित्रहीन व्यक्ति की मदद करना मुसीबत का कारण बन सकता है।