← fox ईसप की कहानियाँ

कंजूस और उसका छुपा हुआ खजाना

🎓 advanced ⏱️ 3 min read

बहुत समय पहले की बात है, एक समृद्ध शहर में एक व्यक्ति रहता था। वह बहुत धनी था, लेकिन उतना ही बड़ा कंजूस भी था। उसे अपनी संपत्ति का उपयोग करने में कोई दिलचस्पी नहीं थी; उसकी खुशी केवल उसे जमा करने में थी। एक दिन, उसे डर सताने लगा कि कहीं उसकी संपत्ति चोरी न हो जाए। इसलिए उसने अपना घर, जमीन और सब कुछ बेच दिया और उन पैसों से सोने की एक बड़ी ईंट खरीदी।

उसने शहर के बाहर एक सुनसान जगह पर, एक पुरानी दीवार के पास एक गड्ढा खोदा और सोने की ईंट वहां गाड़ दी। अब उसका नियम बन गया था कि वह हर रोज वहां जाता, गड्ढा खोदकर उस ईंट को देखता और फिर उसे वापस दबा देता। उसे ऐसा करने में बहुत सुकून मिलता था, हालांकि वह उस सोने का कोई उपयोग नहीं करता था।

एक मजदूर ने उस व्यक्ति को रोज वहां जाते देखा। उसे शक हुआ कि वहां कुछ कीमती छिपा है। एक रात, वह मजदूर वहां पहुंचा, गड्ढा खोदा और सोने की ईंट लेकर चंपत हो गया।

अगले दिन जब कंजूस वहां पहुंचा, तो उसने देखा कि गड्ढा खाली है। वह जोर-जोर से रोने लगा और अपना सिर पीटने लगा। उसका विलाप सुनकर वहां से गुजर रहा एक पड़ोसी उसके पास आया और पूछा, 'क्या हुआ? तुम इतना क्यों रो रहे हो?'

कंजूस ने रोते हुए कहा, 'मेरा सब कुछ लुट गया! मैंने यहाँ सोने की एक ईंट छिपाई थी, जो चोरी हो गई है।'

पड़ोसी ने पूछा, 'क्या तुम उस सोने का कभी उपयोग करते थे?'

कंजूस बोला, 'नहीं, मैं तो बस उसे रोज देखने आता था।'

तब पड़ोसी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'तो फिर रोना बंद करो। एक पत्थर उठाओ और उसे इस गड्ढे में डाल दो। और रोज आकर यह सोचो कि तुम्हारा सोना वहीं है। क्योंकि जब सोना वहां था, तब भी वह तुम्हारे किसी काम का नहीं था। जिस धन का उपयोग न हो, वह पत्थर के समान ही है।'

कंजूस को अपनी गलती समझ आ गई कि बिना उपयोग के धन का कोई मूल्य नहीं होता।

💡 सीख

जिस धन का उपयोग न हो, वह पत्थर के समान है।

📝 स्पष्टीकरण (Explanation)

यह कहानी जमाखोरी के मनोवैज्ञानिक जाल को उजागर करती है। कंजूस का मानना है कि केवल सोने का होना ही उसे अमीर बनाता है, लेकिन पड़ोसी बताता है कि धन की परिभाषा उसके उपयोग से होती है। यदि किसी वस्तु का कभी उपयोग नहीं किया जाता है, तो उसका मूल्य मालिक के जीवन के लिए अप्रासंगिक है। कहानी सिखाती है कि सच्ची संपत्ति जीने का एक साधन है, न कि स्वयं में एक अंत।

🤔 Discussion Questions

Q1 शेजाऱ्याने असे का सुचवले की दगड सोन्याइतकाच मौल्यवान ठरेल?
Ans: कारण तो माणूस सोन्याचा कधीच वापर करत नव्हता; त्याच्यासाठी सोने आणि दगड दोन्ही फक्त पाहण्यासाठीच होते.
Q2 गोष्टीच्या बोधानुसार संपत्तीचा खरा उद्देश काय असावा?
Ans: संपत्तीचा खरा उपयोग गरजा पूर्ण करणे, इतरांना मदत करणे आणि जीवन सुखकर करणे हा असावा, केवळ ती साठवून ठेवणे हा नाही.