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ब्राह्मण और सत्तू का घड़ा

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एक छोटे से गाँव में स्वभावकृपण नाम का एक गरीब ब्राह्मण रहता था। वह इतना गरीब था कि लोगों से मिलने वाली भिक्षा पर ही अपना जीवन व्यतीत करता था। एक दिन उसे भिक्षा में सत्तू (आटे) से भरा एक बड़ा मिट्टी का घड़ा मिला। वह उस घड़े को लेकर अपने घर आया और उसे अपनी खाट के ठीक ऊपर एक खूंटी से लटका दिया, ताकि सोते समय भी उसकी नज़र घड़े पर रहे। एक रात जब वह अपनी खाट पर लेटा हुआ था, तो उस घड़े को देखते-देखते वह दिवास्वप्न देखने लगा। उसने सोचा, 'अभी यह घड़ा सत्तू से भरा है। अगर गाँव में अकाल पड़ा, तो इस सत्तू की कीमत बहुत बढ़ जाएगी। मैं इसे सौ रुपये में बेच दूँगा। उन पैसों से मैं दो बकरियाँ खरीदूँगा। हर छह महीने में उनके बच्चे होंगे और धीरे-धीरे मेरे पास बकरियों का एक बड़ा झुंड होगा। फिर मैं उन बकरियों को बेचकर गाय और भैंस खरीदूँगा। उनका दूध बेचकर मैं बहुत अमीर बन जाऊँगा। इसके बाद मैं घोड़े खरीदूँगा और उन्हें राजा को बेचकर बहुत सारा सोना कमाऊँगा। मेरे पास इतनी संपत्ति होगी कि मैं एक विशाल महल बनवाऊँगा। तब एक धनी व्यापारी अपनी सुंदर बेटी का विवाह मुझसे करने आएगा। हमारा एक प्यारा सा बेटा होगा, जिसका नाम मैं सोमशर्मा रखूँगा। जब सोमशर्मा घुटनों के बल चलने लगेगा, तब मैं बगीचे में बैठकर किताब पढ़ रहा हूँगा। वह मेरे पास आएगा, और मैं अपनी पत्नी से कहूँगा कि बच्चे को अंदर ले जाओ। लेकिन वह घर के काम में व्यस्त होने के कारण मेरी बात नहीं सुनेगी। तब मुझे बहुत गुस्सा आएगा और उसे डराने के लिए मैं उसे एक लात मारूँगा।' इसी सोच में डूबे ब्राह्मण ने हकीकत में भी हवा में ज़ोर से लात मार दी। उसकी लात सीधे ऊपर लटके सत्तू के घड़े पर लगी। घड़ा टूट गया और सारा सत्तू ब्राह्मण के ऊपर गिर गया। उसका सारा सपना एक पल में चकनाचूर हो गया। जब उसकी आँख खुली, तो उसने देखा कि केवल खयाली पुलाव पकाने के कारण उसने वह भोजन भी खो दिया जो उसके पास था।

💡 सीख

खयाली पुलाव पकाने से कुछ हासिल नहीं होता; सफलता के लिए मेहनत और कर्म आवश्यक है।

📝 स्पष्टीकरण (Explanation)

यह कहानी हमें सिखाती है कि भविष्य के लिए योजना बनाना अच्छा है, लेकिन बिना किसी वास्तविक कार्य के केवल कल्पना की दुनिया में रहना मूर्खता है। ब्राह्मण 'क्या हो सकता है' के सपने देखने में इतना व्यस्त था कि वह 'क्या है' उसकी कद्र करना और उसकी रक्षा करना भूल गया। सफलता उन्हें मिलती है जो कर्म करते हैं, न कि उन्हें जो केवल सपने देखते हैं।

🤔 Discussion Questions

Q1 ब्राह्मणाने पिठाच्या घड्याचे काय करण्याचे स्वप्न पाहिले?
Ans: ब्राह्मणाने पिठाच्या घड्याचे काय करण्याचे स्वप्न पाहिले?
Q2 ब्राह्मणाचा पिठाचा घडा का फुटला?
Ans: ब्राह्मणाचा पिठाचा घडा का फुटला?