शालेय परिपाठ म्हणजे महाराष्ट्रातील शाळांमध्ये दररोज सकाळी होणारा कार्यक्रम. या पृष्ठावर आजचा संपूर्ण परिपाठ — सुविचार, पंचांग, दिनविशेष, सुभाषित, बातम्या, बोधकथा आणि इतर उपयुक्त माहिती उपलब्ध आहे.
सुविचार
और पढ़ें"जो व्यक्ति अपनी मिट्टी से जुड़ा रहता है वह कभी नहीं हारता।Meaning_en: Staying connected to your roots is the secret to success.Meaning_hi: अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही सफलता का रहस्य है।person_ref:{"slug":"anand-yadav","name_mr":"आनंद यादव","auto_create":true,"birth_date":"1935-11-30","death_date":"2016-11-27","name_en":"Anand Yadav","name_hi":"Anand Yadav","person_type":"Writer","short_bio_en":"A prolific Marathi writer known for his novel 'Zombi'.","short_bio_mr":"त्यांच्या 'झोंबी' या कादंबरीसाठी ओळखले जाणारे प्रसिद्ध मराठी लेखक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Anand_Yadav"}"
— आनंद यादव
पंचांग
और पढ़ेंजानकारी उपलब्ध नहीं
दिन विशेष
और पढ़ें-
📌
नीरज चोप्राचे आशियाई क्रीडा स्पर्धेत सुवर्णपदक (2018 — 8 वर्षे)
-
🕯️
दिग्दर्शक हृषिकेश मुखर्जी यांचे निधन (2006 — 20 वर्षे)
-
📌
मंगळ ग्रह पृथ्वीच्या सर्वात जवळ (2003 — 23 वर्षे)
-
🕯️
हिंदकेसरी मारुती माने यांचे निधन (1992 — 34 वर्षे)
-
🕯️
महान गायक मुकेश यांचे निधन (1976 — 50 वर्षे)
संस्कृत सुभाषित
और पढ़ेंजानकारी उपलब्ध नहीं
मुहावरे
और पढ़ेंजानकारी उपलब्ध नहीं
इंग्रजी शिक्षण
सुरुवात कराइंग्रजी सुधारण्यासाठी दैनंदिन धडे.
📚 पुढील धडाप्रश्नमंजुषा
आता खेळादैनंदिन प्रश्नमंजुषेद्वारे तुमच्या ज्ञानाची चाचणी करा!
🎯 क्विझ सोडवाआजची बोधकथा
सर्व कथानीला सियार: राजसी भ्रम
एक विशाल और घने जंगल में चंडखर्व नाम का एक सियार रहता था। वह बहुत चालाक था, लेकि...
Read Story →आजच्या बातम्या
सर्व बातम्याJana Gana Mana
अधिक वाचाजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
अधिक वाचाभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
अधिक वाचाहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
अधिक वाचावन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥