रविवार, 16 ऑगस्ट 2026
आज

शालेय परिपाठ म्हणजे महाराष्ट्रातील शाळांमध्ये दररोज सकाळी होणारा कार्यक्रम. या पृष्ठावर आजचा संपूर्ण परिपाठ — सुविचार, पंचांग, दिनविशेष, सुभाषित, बातम्या, बोधकथा आणि इतर उपयुक्त माहिती उपलब्ध आहे.

💡 सुविचार

और पढ़ें

"अरे यह संसार, चूल्हे पर तवे जैसा है।Meaning_en: Happiness and sorrow are two sides of the same coin in worldly life.Meaning_hi: सांसारिक जीवन में सुख और दुख एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।person_ref:{"slug":"bahinabai-chaudhari","name_mr":"बहिणाबाई चौधरी","auto_create":true,"birth_date":"1880-08-11","death_date":"1951-12-03","name_en":"Bahinabai Chaudhari","name_hi":"Bahinabai चौधरी","person_type":"Poet","short_bio_en":"An illiterate cotton farmer who composed beautiful oral poetry.","short_bio_mr":"एक अशिक्षित शेतकरी महिला ज्यांनी अप्रतिम मौखिक कविता रचल्या.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Bahinabai_Chaudhari"}"

— बहिणाबाई चौधरी

📅 पंचांग

और पढ़ें

जानकारी उपलब्ध नहीं

📌 दिन विशेष

और पढ़ें
  • 🕯️
    अटलबिहारी वाजपेयी स्मृतिदिन (2018 — 8 वर्षे)
  • 🎂
    सुभद्रा कुमारी चौहान जन्मजयंती (1904 — 122 वर्षे)
  • 🕯️
    स्वामी रामकृष्ण परमहंस स्मृतिदिन (1886 — 140 वर्षे)
  • 📌
    अण्णा हजारे यांना अटक आणि भ्रष्टाचारविरोधी आंदोलन (2011 — 15 वर्षे)
  • 🕯️
    मनमोहन कृष्ण स्मृतिदिन (1995 — 31 वर्षे)

🕉️ संस्कृत सुभाषित

और पढ़ें

जानकारी उपलब्ध नहीं

🗣️ मुहावरे

और पढ़ें

जानकारी उपलब्ध नहीं

📚 इंग्रजी शिक्षण

सुरुवात करा

इंग्रजी सुधारण्यासाठी दैनंदिन धडे.

📚 पुढील धडा

प्रश्नमंजुषा

आता खेळा

दैनंदिन प्रश्नमंजुषेद्वारे तुमच्या ज्ञानाची चाचणी करा!

🎯 क्विझ सोडवा

📖 आजची बोधकथा

सर्व कथा

तेनाली रामा और सोने के आम

विजयनगर साम्राज्य राजा कृष्णदेव राय के शासनकाल में अपने चरमोत्कर्ष पर था। चारों ...

Read Story →

📰 आजच्या बातम्या

सर्व बातम्या

🇮🇳 Jana Gana Mana

अधिक वाचा
जन-गण-मन अधिनायक जय हे,
भारत-भाग्य-विधाता।
पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा,
द्राविड़-उत्कल-बङ्ग।
विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा,
उच्छल-जलधि-तरङ्ग।
तव शुभ नामे जागे,
तव शुभ आशिष मागे,
गाहे तव जय-गाथा।
जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे,
भारत-भाग्य-विधाता।
जय हे, जय हे, जय हे,
जय जय जय जय हे॥

National Pledge (Pratidnya / Pratigya)

अधिक वाचा
भारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं।
मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है।
मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा।
मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा।
मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ।
उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।

📜 Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)

अधिक वाचा
हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को:
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय,
विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,
प्रतिष्ठा और अवसर की समता,
प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए
दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।

🪷 Vande Mataram

अधिक वाचा
वन्दे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलां मातरम्।
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं,
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं,
सुखदां वरदां मातरम्॥

शेयर करें आज का परिपाठ