शालेय परिपाठ म्हणजे महाराष्ट्रातील शाळांमध्ये दररोज सकाळी होणारा कार्यक्रम. या पृष्ठावर आजचा संपूर्ण परिपाठ — सुविचार, पंचांग, दिनविशेष, सुभाषित, बातम्या, बोधकथा आणि इतर उपयुक्त माहिती उपलब्ध आहे.
सुविचार
और पढ़ें"शत्रु कितना भी बड़ा क्यों न हो, हमारा संकल्प उससे बड़ा होना चाहिए।Meaning_en: One should face crises with courage instead of getting scared.Meaning_hi: संकटों में घबराए बिना साहस के साथ उनका सामना करना चाहिए।person_ref:{"slug":"chhatrapati-shivaji-maharaj","name_mr":"छत्रपती शिवाजी महाराज","auto_create":true,"birth_date":"1630-02-19","death_date":"1680-04-03","name_en":"Chhatrapati Shivaji Maharaj","name_hi":"Chhatrapati Shivaji Maharaj","person_type":"King","short_bio_en":"The founder of the Maratha Empire in India.","short_bio_mr":"भारतातील मराठा साम्राज्याचे संस्थापक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Shivaji"}"
— छत्रपति शिवाजी महाराज
पंचांग
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दिन विशेष
और पढ़ें-
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अभिनेत्री श्रीदेवी जन्मदिवस (1963 — 63 वर्षे)
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बर्लिनची भिंत बांधण्यास सुरुवात (1961 — 65 वर्षे)
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🕯️
मादाम भिकाईजी कामा पुण्यतिथी (1936 — 90 वर्षे)
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फिडेल कॅस्ट्रो जन्मदिवस (1926 — 100 वर्षे)
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🕯️
फ्लोरेन्स नाइटिंगेल पुण्यतिथी (1910 — 116 वर्षे)
संस्कृत सुभाषित
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मुहावरे
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इंग्रजी शिक्षण
सुरुवात कराइंग्रजी सुधारण्यासाठी दैनंदिन धडे.
📚 पुढील धडाप्रश्नमंजुषा
आता खेळादैनंदिन प्रश्नमंजुषेद्वारे तुमच्या ज्ञानाची चाचणी करा!
🎯 क्विझ सोडवाआजची बोधकथा
सर्व कथातेनाली राम और हवा में तैरता महल
विजयनगर के राजा कृष्णदेवराय अपनी कला के प्रति प्रेम और अपनी कभी-कभी सनकी कल्पनाओ...
Read Story →आजच्या बातम्या
सर्व बातम्याJana Gana Mana
अधिक वाचाजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
अधिक वाचाभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
अधिक वाचाहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
अधिक वाचावन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥