शालेय परिपाठ म्हणजे महाराष्ट्रातील शाळांमध्ये दररोज सकाळी होणारा कार्यक्रम. या पृष्ठावर आजचा संपूर्ण परिपाठ — सुविचार, पंचांग, दिनविशेष, सुभाषित, बातम्या, बोधकथा आणि इतर उपयुक्त माहिती उपलब्ध आहे.
सुविचार
और पढ़ें"विद्या के बिना मति गई, मति के बिना नीति गई।Meaning_en: Lack of knowledge leads to the decline of human intellect and ethics.Meaning_hi: ज्ञान के अभाव में मनुष्य की बुद्धि और नैतिकता का पतन होता है।person_ref:{"slug":"mahatma-jyotirao-phule","name_mr":"महात्मा जोतिराव फुले","auto_create":true,"birth_date":"1827-04-11","death_date":"1890-11-28","name_en":"Mahatma Jyotirao Phule","name_hi":"Mahatma Jyotirao Phule","person_type":"Social Reformer","short_bio_en":"A key social activist and thinker who fought against untouchability.","short_bio_mr":"अस्पृश्यतेविरुद्ध लढणारे एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ते आणि विचारवंत.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Jyotirao_Phule"}"
— महात्मा ज्योतिराव फुले
पंचांग
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दिन विशेष
और पढ़ें-
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भारतात दिसलेले शतकातील शेवटचे खग्रास सूर्यग्रहण (1999 — 27 वर्षे)
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प्रसिद्ध क्रिकेटपटू विजय मर्चंट यांचे निधन (1987 — 39 वर्षे)
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दादरा आणि नगर हवेली भारताचा केंद्रशासित प्रदेश बनला (1961 — 65 वर्षे)
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क्रांतिकारक खुदीराम बोस बलिदान दिन (1908 — 118 वर्षे)
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माजी राष्ट्रपती व्ही. व्ही. गिरी यांचा जन्म (1894 — 132 वर्षे)
संस्कृत सुभाषित
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मुहावरे
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इंग्रजी शिक्षण
सुरुवात कराइंग्रजी सुधारण्यासाठी दैनंदिन धडे.
📚 पुढील धडाप्रश्नमंजुषा
आता खेळादैनंदिन प्रश्नमंजुषेद्वारे तुमच्या ज्ञानाची चाचणी करा!
🎯 क्विझ सोडवाआजची बोधकथा
सर्व कथाअखबार बेचने वाला लड़का जो अंतरिक्ष तक पहुँचा
भारताचे माजी राष्ट्रपती डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम यांचा जन्म तामिळनाडूतील रामेश्व...
Read Story →आजच्या बातम्या
सर्व बातम्याJana Gana Mana
अधिक वाचाजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
अधिक वाचाभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
अधिक वाचाहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
अधिक वाचावन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥