परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शनिवार, 31 ऑक्टोबर 2026सुविचार
→❝ अनेकता सृष्टि का लक्षण है, लेकिन उसमें एकता को पहचानना ही सच्ची दृष्टि है।meaning_en: Understanding that underlying unity exists despite outward differences is true wisdom.meaning_hi: सृष्टि की विविधता को स्वीकार करते हुए उसके भीतर की एकता को पहचानना ही वास्तविक ज्ञान है।person_ref: {slug: vinoba-bhave, name_mr: विनोबा भावे, auto_create: true, birth_date: 1895-09-11, death_date: 1982-11-15, name_en: Vinoba Bhave, name_hi: विनोबा भावे, person_type: Spiritual Leader/Social Reformer, short_bio_en: Indian advocate of nonviolence and human rights, best known for the Bhoodan Movement., short_bio_mr: भूदान चळवळीचे प्रणेते आणि थोर गांधीवादी विचारवंत., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/Vinoba_Bhave},tags: [{slug: unity, name_mr: एकता, name_en: Unity}, {slug: wisdom, name_mr: सुज्ञपणा, name_en: Wisdom}], related: []},{ ❞
सृष्टीतील वैविध्य स्वीकारून त्यातील मूळ एकत्वाचा शोध घेणे महत्त्वाचे आहे.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तरी संन्यासु आणि योगु । हा एकचि कीं रे मार्गु । परि दाविजे विभागु । अल्पमतीं ॥
📖 विस्तार →संन्यास आणि कर्मयोग हे दोन्ही मार्ग खरं तर एकच आहेत, पण ज्यांची बुद्धी कमी आहे त्यांना ते वेगवेगळे वाटतात.
जेथ हे विषय-विष सांडिजे। आणि आत्मसुखें धाली होईजे। तेथ सहजेंचि विसरिजे। इंद्रियग्रामु॥
📖 विस्तार →जेव्हा विषयांचे विष सोडून दिले जाते आणि आत्मसुखाचा आनंद मिळतो, तेव्हा इंद्रियांचा समूह आपोआप विसरला जातो.
दिन विशेष 29
सर्व पहा →
स्टॅच्यू ऑफ युनिटीचे लोकार्पण
2018
इंदिरा गांधी पुण्यतिथी
1984
एस. डी. बर्मन पुण्यतिथी
1975
सी. के. नायडू जयंती
1895
सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती
1875हॅलोविन
2023शॉन कॉनेरी निधन
2020जम्मू-काश्मीर आणि लडाख केंद्रशासित प्रदेशांची स्थापना
2019राष्ट्रीय एकता दिवस
2014जागतिक शहरे दिवस
2014जगाची लोकसंख्या ७ अब्ज
2011अमृता प्रीतम पुण्यतिथी
2005रिव्हर फिनिक्स निधन
1993तरुण तेजपाल जन्म
1981अनंत गीते जन्म
1966भारतात हवाई संरक्षण सरावांची सुरुवात
1963स्टालिनचे पार्थिव रेड स्क्वेअरमधून हटवले
1961रेझा पहलवी जन्म
1960सुएझ संकट: ब्रिटन आणि फ्रान्सचे आक्रमण
1956अल्जेरियन स्वातंत्र्य युद्धाची सुरुवात
1954झाहा हदीद जन्म
1950रामदास आठवले जन्म
1946माउंट रशमोर काम पूर्ण
1941नरबहादूर भंडारी जन्म
1934हॅरी हुडिनी निधन
1926पी. लीला जन्म
1925डिक फ्रान्सिस जन्म
1920ज्युलिएट गॉर्डन लो जन्म
1860रिफॉर्मेशन डे
1517इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: चालू वर्तमानकाळ आणि हॉटेलमधील संभाषण
चालू वर्तमानकाळ
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प्रश्नमंजुषा
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सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
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मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥