परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 24 नोव्हेंबर 2026सुविचार
→❝ कविता को मनुष्य को मानवता सिखानी चाहिए। Meaning_en: The core purpose of literature and art is to instill empathy and human values. Meaning_hi: साहित्य का मूल उद्देश्य संवेदना जगाना होना चाहिए। person_ref: {slug: vinda-karandikar, name_mr: विंदा करंदीकर, auto_create: true, birth_date: 1918-08-23, death_date: 2010-03-14, name_en: Vinda Karandikar, name_hi: विंदा करंदीकर, person_type: Poet/Writer, short_bio_en: Jnanpith Award-winning Marathi poet, writer and essayist., short_bio_mr: ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेते प्रख्यात कवी आणि साहित्यिक., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/Vinda_Karandikar}, tags: [{slug: literature, name_mr: साहित्य, name_en: Literature}, {slug: humanity, name_mr: माणुसकी, name_en: Humanity}] ❞
साहित्याचा मूळ उद्देश माणसातील संवेदनशीलता जागृत करणे असावा.
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जेथ समस्त भूतें निजलीं । तेथ तो एकु जागा भलीं । आणि जेथ जीव जागे झाले । तेथ निजला तो ॥
📖 विस्तार →जेव्हा सर्व सामान्य लोक अज्ञानाच्या झोपेत असतात, तेव्हा ज्ञानी पुरुष आत्मज्ञानात जागा असतो. आणि जेव्हा सर्व लोक संसाराच्या कामात मग्न (जागे) असतात, तेव्हा ज्ञानी पुरुष त्यापासून अलिप्त (झोपलेला) असतो.
तरी कर्मामाजीं अकर्म । आणि अकर्मींचि कर्म । हें जया कळे तोचि परम । पुरुषु जाणावा ॥
📖 विस्तार →जो कर्मामध्ये अकर्म (कर्म न करणे) आणि अकर्मामध्ये कर्म पाहतो, तोच माणसांमध्ये खरा बुद्धिमान आणि श्रेष्ठ पुरुष होय.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →अंबरीश पुण्यतिथी
2018मुरली देवरा पुण्यतिथी
2014यमुना बरुआ पुण्यतिथी
2005गिरीलाल जैन पुण्यतिथी
1999फ्रेडी मर्क्युरी पुण्यतिथी
1991भगवत दयाल शर्मा पुण्यतिथी
1989मुनमुन दत्ता जन्मदिन
1986डी. बी. कूपर विमान अपहरण
1971अपोलो १२ मोहिमेची सांगता
1969पंडित ओंकारनाथ ठाकूर पुण्यतिथी
1967मारोतराव कन्नमवार पुण्यतिथी
1963ली हार्वे ओसवाल्डचा वध
1963अरुंधती रॉय जन्मदिन
1961दत्तात्रेय गोपाळ कर्वे पुण्यतिथी
1959इयान बोथम जन्मदिन
1955वेलुपिल्लई प्रभाकरन जन्मदिन
1954भारतीय संविधानाची अंतिम चर्चा
1949नॅशनल कॅडेट कोर (NCC) स्थापना
1948शशिकांत शिंदे जन्मदिन
1947अमोल पालेकर जन्मदिन
1944सलीम खान जन्मदिन
1935बिहारातील शेतकरी सभेचा प्रभाव
1931श्री अरविंद सिद्धी दिवस
1926स्वामी राम जन्मदिन
1924एस. व्ही. रंगा राव जन्मदिन
1923मुंबईत वेल्सच्या राजकुमाराच्या आगमनाचा निषेध
1921कवासजी जमशेडजी पेटीगारा जन्मदिन
1877चार्ल्स डार्विन यांच्या 'ओरिजिन ऑफ स्पीशीज'चे प्रकाशन
1859गुरु तेग बहादूर बलिदान दिवस
1675लचित बोर्फुकन जयंती (लचित दिवस)
1622इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: वाचनालयातील संभाषण आणि आज्ञार्थी वाक्ये
आज्ञार्थी वाक्ये
- borrow — उधार लेना
- return — वापस करना
- silent — शांत
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥