परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
गुरुवार, 12 नोव्हेंबर 2026सुविचार
→❝ जिनके पास देने के लिए कुछ नहीं होता, वही शिकायत करते हैं। Meaning_en: People lacking action or generosity often resort to complaints. Meaning_hi: कर्महीन व्यक्ति ही परिस्थितियों की शिकायत करता है। person_ref: {slug: vs-khandekar, name_mr: व. स. खांडेकर, auto_create: true, birth_date: 1898-01-11, death_date: 1976-09-02, name_en: V. S. Khandekar, name_hi: वि. स. खांडेकर, person_type: Novelist, short_bio_en: First Marathi author to win the Jnanpith Award., short_bio_mr: ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेते पहिले मराठी लेखक., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/V._S._Khandekar}, tags: [{slug: attitude, name_mr: दृष्टिकोन, name_en: Attitude}, {slug: action, name_mr: कृती, name_en: Action}] ❞
कर्तृत्वशून्य लोकच नेहमी परिस्थितीबद्दल तक्रारी करत बसतात.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि उचित जे कर्म । आणि विहित जे धर्म । तेचि आचरावे उत्तम । फळाशा सांडूनि ॥ ९६ ॥
📖 विस्तार →म्हणून जे योग्य कर्म आहे आणि जे शास्त्रानुसार आपले कर्तव्य आहे, तेच फळाची आशा सोडून उत्तम प्रकारे करावे.
म्हणोनि कर्माचेनि आधारें । जे कर्मचि सांडणें खरें । तें युक्तीचें वर्म दुसरें । नाहिं येथ ॥ १०६ ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्माचा आधार घेऊनच कर्माचा त्याग करणे, हीच खरी युक्ती आहे. याशिवाय दुसरे कोणतेही रहस्य येथे नाही.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →अनंत कुमार पुण्यतिथी
2018फिला लँडरचे धूमकेतूवर लँडिंग
2014सुनीता देशपांडे पुण्यतिथी
2009जागतिक न्यूमोनिया दिन
2009मधू दंडवते पुण्यतिथी
2005चरखी दादरी विमान अपघात
1996डी. बी. देवधर पुण्यतिथी
1993व्हॉयेजर १ चा शनी ग्रहाजवळून प्रवास
1980रायन गॉसलिंग जन्मदिन
1980पीतांबर दास पुण्यतिथी
1970इंदिरा गांधी यांची काँग्रेसमधून हकालपट्टी
1969शरद केळकर जन्मदिन
1968सैय्यदना ताहेर सैफुद्दीन पुण्यतिथी
1965नादिया कोमानेची जन्मदिन
1961लोकसेवा प्रसारण दिवस
1947पंडित मदन मोहन मालवीय पुण्यतिथी
1946अभिनेते अमजद खान यांचा जन्म
1940सॅन फ्रान्सिस्को-ओकलंड बे ब्रिजचे उद्घाटन
1936पुरुषोत्तम काकोडकर जन्मदिन
1931पहिली गोलमेज परिषद सुरू
1930मायकेल एंडे जन्मदिन
1929सत्येंद्रनाथ टागोर पुण्यतिथी
1923ऑस्ट्रिया प्रजासत्ताक बनले
1918भगिनी निवेदिता यांनी शाळा सुरू केली
1898डॉ. सलीम अली यांचा जन्म
1896शेठ हुकूमचंद यांचा जन्म
1890सन यात-सेन यांचा जन्म
1866वैकुंठभाई मेहता जन्मदिन
1862बहाउल्ला यांचा जन्म
1817एलिझाबेथ कॅडी स्टँटन जन्मदिन
1815इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: बाजारात संभाषण आणि 'Can' चा वापर
Modals: 'Can' चा वापर
- Fresh — ताज़ा
- Price — कीमत
- Discount — छूट
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
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मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥