परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
सोमवार, 09 नोव्हेंबर 2026सुविचार
→❝ प्रत्येक प्राणी को वह प्राप्त हो जिसकी वह शुभ कामना करता है। Meaning_en: A prayer for universal well-being and the fulfillment of positive desires of all beings. Meaning_hi: सभी प्राणियों के कल्याण और उनकी शुभ इच्छाओं की पूर्ति की प्रार्थना। person_ref: {slug: sant-dnyaneshwar, name_mr: संत ज्ञानेश्वर, auto_create: true, birth_date: 1275-01-01, death_date: 1296-01-01, name_en: Sant Dnyaneshwar, name_hi: संत ज्ञानेश्वर, person_type: Saint/Philosopher, short_bio_en: 13th-century Marathi saint, poet, philosopher and yogi of the Nath Vaishnava tradition., short_bio_mr: ज्ञानेश्वरीचे कर्ते आणि वारकरी संप्रदायाचा पाया रचणारे संत., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/Dnyaneshwar}, tags: [{slug: compassion, name_mr: करुणा, name_en: Compassion}, {slug: prayer, name_mr: प्रार्थना, name_en: Prayer}] ❞
प्रत्येक प्राणिमात्राच्या चांगल्या इच्छा पूर्ण होवोत, हीच वैश्विक प्रार्थना.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि बाह्य हे विषय । न संडितांही सांडिले होय । जरी अंतरीं होय । विरक्तु पुरुषु ॥
📖 विस्तार →म्हणून जर एखादा माणूस मनातून विरक्त (आसक्ती नसलेला) झाला, तर त्याने बाहेरचे विषय प्रत्यक्ष सोडले नसले तरी ते सुटल्यासारखेच आहेत.
म्हणौनि कर्माचेनि आधारें । जेणें अकर्मता होय साचोकारें । तेंचि ज्ञान हें निर्धारें । मानिजे गा ॥ २०९ ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्माचा आधार घेऊन ज्या कृतीमुळे माणसाला कर्माच्या बंधनातून खरोखर मुक्ती मिळते, त्यालाच निश्चितपणे खरे ज्ञान समजावे.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →अयोध्या राम जन्मभूमी निकाल
2019जयंत साळगावकर स्मृती दिन
2012हरगोविंद खुराणा स्मृती दिन
2011के. आर. नारायणन स्मृती दिन
2005अग्नी-२ क्षेपणास्त्र चाचणी यश
2001उत्तराखंड राज्य स्थापना दिन
2000राष्ट्रीय कायदे सेवा दिन
1995बर्लिनची भिंत कोसळली
1989राम मंदिर शिलान्यास
1989जे. पी. नाईक स्मृती दिन
1981चार्ल्स द गॉल स्मृती दिन
1970महर्षी धोंडो केशव कर्वे स्मृती दिन
1962सुब्रतो मुखर्जी स्मृती दिन
1960कंबोडिया स्वातंत्र्य दिन
1953जुनागडमध्ये सार्वमत
1948जुनागड संस्थानाचे भारतात विलीनीकरण
1947क्रिस्टालनाच (काचेची रात्र)
1938मिखाईल ताल जन्म
1936कार्ल सागन जन्म
1934शांतीलाल शाह जन्म
1931लालकृष्ण अडवाणी जन्म
1927शं. ना. नवरे जन्म
1927हेडी लामार जन्म
1914भगवतीचरण वर्मा जन्म
1911डॉ. मोहम्मद इक्बाल जन्म
1877इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: कलम (Articles) आणि वाचनालय
उपपदे (Articles)
- Borrow — उधार लेना
- Return — वापस करना
- Silence — शांति
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥