परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शुक्रवार, 02 ऑक्टोबर 2026सुविचार
→❝ सच्चा धर्म वही है, जो दुनिया को प्रेम अर्पित करे। ❞
सच्चा धर्म वही है जो दुनिया को प्रेम देना सिखाता है।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →
महात्मा गांधी
मोहनदास करमचंद गांधी भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख राजनीतिक और आध्यात्मिक नेता थे, जिन्होंने अहिंसक विरोध के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ देश का नेतृत्व किया।
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि इंद्रियांचा निग्रहो । जयापाशीं आहे पाहो । तोचि प्रज्ञाप्रतिष्ठितु हो । जाणिजे गा ॥ १०८ ॥
📖 विस्तार →म्हणून ज्याने आपल्या इंद्रियांवर पूर्ण ताबा मिळवला आहे, तोच खरा स्थिर बुद्धीचा माणूस आहे असे समजावे.
म्हणोनि तूं आतां । झकविजे नको भ्रमितां । हा विचारु चित्ता- । माजीं धरीं ॥ ११६ ॥
📖 विस्तार →म्हणून आता तू भ्रमात पडू नकोस. हा विचार तू आपल्या मनात पक्का धर.
दिन विशेष 30
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स्वच्छ भारत अभियानाचा प्रारंभ
2014
चिं. द. देशमुख स्मृतीदिन
1982
एस. एम. जोशी जन्म
1908
राजा रवि वर्मा स्मृतीदिन
1906
लाल बहादूर शास्त्री जयंती
1904
महात्मा गांधी जयंती
1869आंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिन
2007बी. व्ही. कारंत स्मृतीदिन
2002गांधी शांतता पुरस्काराची स्थापना
1995बी. सी. सन्याल स्मृतीदिन
1994इन्दिरा आवास योजनेचा प्रारंभ
1985अमृतलाल नागर स्मृतीदिन
1984ना. सी. फडके स्मृतीदिन
1978के. कामराज स्मृतीदिन
1975मुंबई दूरदर्शनचे उद्घाटन
1972विनायक कृष्ण गोकाक स्मृतीदिन
1971के. के. मेनन यांचा जन्म
1966इंटीग्रल कोच फॅक्टरीचे उत्पादन सुरू
1955सामुदायिक विकास कार्यक्रम सुरू
1952भारतीय जनसंघाची स्थापना
1951'पीनट्स' कॉमिक स्ट्रिपचा प्रारंभ
1950पर्सीस खंबाटा यांचा जन्म
1948मीरा कुमार यांचा जन्म
1943आशा पारेख यांचा जन्म
1942उषा मंगेशकर यांचा जन्म
1931तपन सिन्हा यांचा जन्म
1924हृषिकेश मुखर्जी यांचा जन्म
1922ग्रॅहम ग्रीन यांचा जन्म
1904रॉय कॅम्पबेल यांचा जन्म
1901ग्रुचो मार्क्स यांचा जन्म
1890विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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स्वदेशीची शिकवण: आत्मनिर्भरता आणि स्थानिक उत्पादनांचे महत्त्व | परिपाठ
महात्मा गांधींनी सुरू केलेली स्वदेशी चळवळ केवळ ब्रिटिशांविरुद्धचा एक लढा नव्हता, तर ती आर्थिक आत्मनि...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥