परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 22 सप्टेंबर 2026सुविचार
→❝ अहंकार पतन का कारण है। ❞
विजेता अपने अहंकार से ही हारता है।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →Bhaurao Patil
रयत शिक्षण संस्थेचे संस्थापक.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तरी अर्जुना हे नवल पाहे । जे आत्मज्ञान कीर आहे । परी तेथेंचि विस्मयो होये । देखिलियावरी ॥
📖 विस्तार →अर्जुना, हे एक मोठे नवल आहे. आत्मज्ञान हे खरोखर आपल्या जवळच असते, पण ते अनुभवल्यावर माणसाला खूप आश्चर्य वाटते.
म्हणोनि कर्माचेनि आधारे । जे कर्मचि सांडिजे निवारे । ते युक्ती पैं सोपारे । जाणणें आहे ॥ ६२ ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्माच्याच मदतीने कर्माचा त्याग कसा करावा, ही सोपी युक्ती समजून घेणे खूप महत्त्वाचे आहे.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
मन्सूर अली खान पतौडी निधन
2011
दुर्गा खोटे स्मृतिदिन
1991
मधू दंडवते जयंती
1924
गांधीजींनी लंगोटी स्वीकारली
1921
मद्रासवर एमडेनचा हल्ला
1914
मायकेल फॅराडे यांचा जन्म
1791
जागतिक गुलाब दिन (कर्करोग रुग्ण कल्याण)
पेशावर चर्च हल्ला
2013श्रीराम शर्मा निधन
2002आयझॅक स्टर्न निधन
2001कुवेम्पू स्मृतिदिन
1994सना सईद जन्म
1988न्यायमूर्ती एच. आर. खन्ना निधन
1987इराण-इराक युद्धाची सुरुवात
1980वेला इन्सिडेंट (अनाकलनीय स्फोट)
1979भास्कर पिल्लई जन्म
1977रोनाल्डो (ब्राझिलियन फुटबॉलपटू) जन्म
1976भारत-पाक युद्धविराम
1965माली स्वातंत्र्य दिन
1960अँड्रिया बोसेली यांचा जन्म
1958निक केव्ह यांचा जन्म
1957पवन कुमार चामलिंग जन्म
1950अरुणा साईराम यांचा जन्म
1944जर्मन-सोव्हिएत लष्करी संचलन
1939बल्गेरियाचे स्वातंत्र्य
1908आईस्क्रीम कोनचे पेटंट
1903व्ही. एस. श्रीनिवास शास्त्री जन्म
1869जोसेफ स्मिथ आणि सुवर्ण पत्रे
1827फ्रेंच रिपब्लिकची स्थापना
1792जागतिक कार-मुक्त दिन
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: सामान्य नाम आणि विशेष नाम
सामान्य नाम आणि विशेष नाम
- Friend — दोस्त
- Meet — मिलना
- City — शहर
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →'भारत छोडो' आंदोलन: स्वातंत्र्याच्या हाकेचा दिवस (८ ऑगस्ट १९४२)
८ ऑगस्ट १९४२ हा भारतीय इतिहासातील एक सुवर्ण अक्षरांनी कोरलेला दिवस. याच दिवशी महात्मा गांधींनी 'भारत...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥