परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शुक्रवार, 18 सप्टेंबर 2026सुविचार
→❝ अपनी विरासत का सम्मान करें। ❞
मराठी मिट्टी की विरासत को संजोएं।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →Shivaji Sawant
'मृत्युंजय' या कादंबरीचे लेखक.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणौनि जेणें जेणें काळें । जे जे उचित ओघें मिळे । तें तें करीं तूं निचाळें । चित्तें येणें ॥ १०३ ॥
📖 विस्तार →म्हणून ज्या ज्या वेळी जे जे योग्य काम ओघाने (सहजपणे) समोर येईल, ते तू अगदी शांत आणि स्थिर मनाने पूर्ण कर.
म्हणोनि उचितें कर्मे । आचरिजे मनोधर्मे । जेणें पाविजे परमे । पुरुषार्थासी ॥
📖 विस्तार →म्हणून आपली योग्य कर्तव्ये मनापासून करावीत, ज्यामुळे जीवनाचे सर्वोच्च ध्येय प्राप्त होईल.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
उरी दहशतवादी हल्ला
2016
शिवाजी सावंत यांचे निधन
2002
शबाना आझमी यांचा जन्म
1950
ऑपरेशन पोलोचा यशस्वी समारोप
1948
डॉ. वसंतराव देशपांडे यांचा जन्म
1920
द न्यूयॉर्क टाइम्सचे पहिले प्रकाशन
1851रुथ बेडर गिन्सबर्ग यांचे निधन
2020सत्यदेव दुबे यांचे निधन
2018बी. जी. शिर्के यांचे निधन
2010शिवानी (गौरा पंत) यांचे निधन
2003वामनराव महाडिक यांचे निधन
1997मोहम्मद हिदायतुल्ला यांचे निधन
1992गगन नारंग यांचा जन्म
1983अनंत काणेकर यांचे निधन
1973जिमी हेंड्रिक्स यांचे निधन
1970अश्विनी भावे यांचा जन्म
1968दॅग हॅमरशोल्ड यांचे निधन
1961एस. एस. वासन यांचे निधन
1953युनायटेड स्टेट्स एअर फोर्सची स्थापना
1947CIA (सीआयए) ची स्थापना
1947पंचानन मित्र यांचे निधन
1936मुकडेन घटना (मंचुरियावरील जपानी आक्रमण)
1931महात्मा गांधींचे २१ दिवसांचे उपोषण सुरू
1924तारा चेरियन यांचा जन्म
1913ग्रेटा गार्बो यांचा जन्म
1905कायरोप्रॅक्टिक उपचाराचा शोध
1895श्रा. को. बेलवलकर यांचा जन्म
1880चिलीचा स्वातंत्र्य दिन
1810जागतिक बांबू दिन
आंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिन
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: चालू वर्तमानकाळ आणि हॉटेलमधील संभाषण
चालू वर्तमानकाळ
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प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →'भारत छोडो' आंदोलन: स्वातंत्र्याच्या हाकेचा दिवस (८ ऑगस्ट १९४२)
८ ऑगस्ट १९४२ हा भारतीय इतिहासातील एक सुवर्ण अक्षरांनी कोरलेला दिवस. याच दिवशी महात्मा गांधींनी 'भारत...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥