परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
गुरुवार, 03 सप्टेंबर 2026सुविचार
→❝ शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो। ❞
शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तेणें महाघोषें थोरें । खांचरें आणि शिखरें । दुमदुमिती गहरें । प्रतिध्वनी ॥
📖 विस्तार →त्या मोठ्या आवाजाने दऱ्याखोऱ्या आणि पर्वतशिखरे दुमदुमून गेली आणि सर्वत्र त्याचे प्रतिध्वनी उमटू लागले.
म्हणोनि तूं अर्जुना | या सकळां कर्मां पाहुना | वेगळा होउनि आपणा | विचारीं पां || १९८ ||
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, तू या सर्व कर्मांकडे एका पाहुण्याप्रमाणे (साक्षीदाराप्रमाणे) बघ आणि स्वतःला त्या कर्मांपासून वेगळे मानून विचार कर.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
निर्मला सीतारामन यांची संरक्षण मंत्रीपदी नियुक्ती
2017
ऑलिम्पिक पदक विजेती कुस्तीगीर साक्षी मलिकचा जन्म
1992
व्हायकिंग २ चे मंगळावर यशस्वी लँडिंग
1976
सद्गुरू जग्गी वासुदेव यांचा जन्म
1957
संगीतकार प्यारेलाल (लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जोडी) यांचा जन्म
1940
दुसऱ्या महायुद्धाची सुरुवात - ब्रिटनची जर्मनीविरुद्ध युद्ध पुकारणी
1939
बंगाली सुपरस्टार उत्तम कुमार यांचा जन्म
1926
तबलानवाझ पंडित किशन महाराज यांचा जन्म
1923माजी परराष्ट्र सचिव ए. पी. व्यंकटेश्वरन यांचे निधन
2014गणितज्ञ पी. सी. वैद्य यांचे निधन
2010बेस्लान शाळा ओलीस प्रकरणाचा अंत
2004ई-बे (eBay) कंपनीची स्थापना
1995न्यायमूर्ती एम. सी. छागला यांचे निधन
1981अभिनेता विवेक ओबेरॉय याचा जन्म
1976प्रसिद्ध मराठी साहित्यिक अनंत काणेकर यांचे निधन
1973स्कायलब ३ अंतराळवीरांचा ५९ दिवसांचा विक्रम
1973कतारचा स्वातंत्र्य दिन
1971स्वीडनमध्ये रस्त्याच्या उजव्या बाजूने वाहन चालवण्यास सुरुवात
1967पहिला औद्योगिक रोबोट कार्यरत
1962अभिनेते शक्ती कपूर यांचा जन्म
1952दुसरे महायुद्ध - इटलीचा शरणागती करार
1943ऑश्वित्झ कॅम्पमध्ये पहिल्यांदा विषारी वायूचा वापर
1941साहित्यिक राजेंद्र सिंह बेदी यांचा जन्म
1924बन्सीलाल झवेरी यांचा जन्म
1918नोबेल विजेते शास्त्रज्ञ कार्ल अँडरसन यांचा जन्म
1905रशियन लेखक इव्हान तुर्गनेव्ह यांचे निधन
1883फर्डिनांड पोर्श यांचा जन्म
1875फ्रेडरिक डग्लस यांची गुलामगिरीतून सुटका
1838पॅरिसचा तह - अमेरिकन क्रांतीचा समारोप
1783रिचर्ड द लायनहार्ट यांचा राज्याभिषेक
1189इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: डॉक्टरकडे संवाद आणि सल्ला
सहाय्यकारी क्रियापदे: Should (सल्ला देणे)
- prescription — नुस्खा (दवा की पर्ची)
- symptom — लक्षण
- dose — खुराक
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
ISRO मिशन कंट्रोल स्ट्रैटेजी: अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रोटोकॉल के साथ परीक्षा में सफलता कैसे पाएं?
इसरो के मिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल को अपनाकर अपनी 2026 की परीक्षा की तैयारी को एक नई ऊँचाई दें। जानें 'T...
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महाराष्ट्र मंतरा (MANTRA) हब: बौद्धिक संपदा और अनुसंधान व्यावसायीकरण का नया केंद्र
महाराष्ट्र सरकार 1 जुलाई से मुंबई विश्वविद्यालय में 'मंतरा हब' शुरू कर रही है, जो छात्रों के शोध को ...
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प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥