परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 25 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ कला जीवन का प्रतिबिंब है।Meaning_en: Literature and art represent the reality of society.Meaning_hi: साहित्य और कला समाज की वास्तविकता का प्रतिनिधित्व करते हैं।person_ref:{"slug":"vijay-tendulkar","name_mr":"विजय तेंडुलकर","auto_create":true,"birth_date":"1928-01-06","death_date":"2008-05-19","name_en":"Vijay Tendulkar","name_hi":"Vijay Tendulkar","person_type":"Playwright","short_bio_en":"A leading Indian playwright, movie and television writer.","short_bio_mr":"एक अग्रगण्य भारतीय नाटककार, चित्रपट आणि दूरदर्शन लेखक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Vijay_Tendulkar"} ❞
साहित्य आणि कला समाजाचे वास्तव मांडतात.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि कर्माचेनि आधारें । जे कर्मचि सांडणें खरें । तें युक्तीचें वर्म दुसरें । नाहिं येथ ॥ १०६ ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्माचा आधार घेऊनच कर्माचा त्याग करणे, हीच खरी युक्ती आहे. याशिवाय दुसरे कोणतेही रहस्य येथे नाही.
जैसा जीर्ण वेश सांडिजे । मग नूतन वेष लेइजे । तैसा देहंतरीं प्रवेशिजे । चैतन्यें येणें ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे आपण जुने झालेले कपडे काढून टाकतो आणि नवीन कपडे घालतो, त्याचप्रमाणे आत्मा एका शरीरातून दुसऱ्या शरीरात प्रवेश करतो.
दिन विशेष 29
सर्व पहा →
नील आर्मस्ट्राँग यांचे निधन
2012
मुंबईत भीषण बॉम्बस्फोट
2003
द ग्रेट खली यांचा जन्म
1982
एस. सोमनाथ यांचा जन्म
1967
पॅरिसची मुक्तता
1944
बी. पी. मंडल यांचा जन्म
1917
मायकेल फॅराडे यांचे निधन
1867
जेम्स वॅट यांचे निधन
1819राम रहीम दोषी सिद्ध
2017आरती भालेराव यांचे निधन
1994गिरिलाल जैन यांचे निधन
1993लिनक्स कर्नलची घोषणा
1991व्हॉयेजर २ नेपच्यूनजवळ पोहोचले
1989सर एडमंड हिलेरी यांची 'ओशन टू स्काय' मोहीम
1977गुल पनाग यांचा जन्म
1972जलालुद्दीन यांची पहिली हॅटट्रिक
1963तस्लिमा नसरीन यांचा जन्म
1962सिकंदर बख्त यांचा जन्म
1957स्वपन दासगुप्ता यांचा जन्म
1957विजयाकांत यांचा जन्म
1952टी. एस. कृष्णमूर्ती यांचा जन्म
1948सुभाष घई यांचा जन्म
1946शॉन कॉनरी यांचा जन्म
1930कॅप्टन राम सिंह ठाकूर यांचा जन्म
1927पहिली आंतरराष्ट्रीय विमान सेवा सुरू
1919एस. एम. पंडित यांचा जन्म
1918माँटेग्यू घोषणा
1917साबू दस्तगीर यांचा जन्म
1916उरुग्वे स्वातंत्र्य दिन
1825इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: चालू वर्तमानकाळ
चालू वर्तमानकाळ
- borrow — उधार लेना
- silence — शांति
- return — वापस करना
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →हिरोशिमा दिनाचे धडे: शांतता आणि जागतिक सलोख्याचे महत्त्व | परिपाठ
आज, ६ ऑगस्ट २०२६ रोजी आपण हिरोशिमा दिनाचे स्मरण करत असताना, युद्धाच्या भीषण परिणामांची आणि शांततेच्य...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
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⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥