परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
गुरुवार, 20 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ भाषा ही हमारे विचारों का शस्त्र है।Meaning_en: Our mother tongue is the foundation of our progress and identity.Meaning_hi: हमारी मातृभाषा हमारी प्रगति और पहचान की नींव है।person_ref:{"slug":"vishnushastri-chiplunkar","name_mr":"विष्णुशास्त्री चिपळूणकर","auto_create":true,"birth_date":"1850-05-20","death_date":"1882-03-17","name_en":"Vishnushastri Chiplunkar","name_hi":"Vishnushastri Chiplunkar","person_type":"Writer","short_bio_en":"A powerful writer known as the 'Shivaji of Marathi Language'.","short_bio_mr":"'मराठी भाषेचे शिवाजी' म्हणून ओळखले जाणारे प्रभावशाली लेखक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Vishnushastri_Krishnashastri_Chiplunkar"} ❞
आपली मातृभाषा ही आपल्या प्रगतीचा पाया आहे.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तरी अध्यात्मबुद्धीने सर्व कर्मे मला अर्पण करून, आशा आणि ममता सोडून तू नि:शंकपणे युद्ध कर.
📖 विस्तार →आपली सर्व कामे देवाला अर्पण करा, फळाची अपेक्षा ठेवू नका आणि मनात कोणताही संकोच न ठेवता आपले कर्तव्य पार पाडा.
म्हणोनि अर्जुना ऐकें | जो इंद्रियांतें न जिंके | तो विषयांच्या कौतुकें | नागविला || १०६ ||
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना ऐक, जो आपल्या इंद्रियांवर ताबा मिळवत नाही, तो विषयांच्या मोहामुळे नागवला जातो (त्याचे नुकसान होते).
दिन विशेष 27
सर्व पहा →
बी. के. एस. अय्यंगार स्मृतिदिन
2014
डॉ. नरेंद्र दाभोलकर स्मृतिदिन
2013
व्हॉयेजर २ चे प्रक्षेपण
1977
एन. आर. नारायण मूर्ती जयंती
1946राम शरण शर्मा स्मृतिदिन
2011पु. ना. ओक स्मृतिदिन
2007भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस
2004गौरी देशपांडे स्मृतिदिन
2003ओस्लो करारावर स्वाक्षरी
1993एस्टोनिया स्वातंत्र्य पुनर्संचयित
1991चौधरी चरण सिंग यांचा राजीनामा
1979व्हायकिंग १ चे प्रक्षेपण
1975चेकोस्लोव्हाकियावर सोव्हिएत आक्रमण
1968मोरोक्कोच्या सुलतानाचे पदच्युती
1953राजीव गांधी जयंती
1944लिओन ट्रॉट्स्कीवर हल्ला
1940विल्फ्रेडो परेटो स्मृतिदिन
1923मोपला बंड प्रारंभ
1921मोंटेग्यू घोषणा
1917इटलीचे तुर्कस्थानविरुद्ध युद्ध
1915पहिली टेलिग्राम संदेश यंत्रणा
1911ना. श्री. बेंद्रे जयंती
1911वि. कृ. गोकाक जयंती
1909साल्वातोर क्वासिमोडो जयंती
1901जागतिक डास दिवस
1897एच. पी. लव्हक्राफ्ट जयंती
1890डॉ. ना. सु. हार्डीकर जयंती
1889इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: दिशा आणि स्थान
स्थान दर्शवणारी शब्दयोगी अव्यये
- straight — सीधा
- corner — कोना
- nearby — पास ही
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →हिरोशिमा दिनाचे धडे: शांतता आणि जागतिक सलोख्याचे महत्त्व | परिपाठ
आज, ६ ऑगस्ट २०२६ रोजी आपण हिरोशिमा दिनाचे स्मरण करत असताना, युद्धाच्या भीषण परिणामांची आणि शांततेच्य...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥