परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शनिवार, 15 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करना श्रेष्ठ सौभाग्य है।Meaning_en: Patriotism should be the greatest inspiration in life.Meaning_hi: देशभक्ति जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा होनी चाहिए।person_ref:{"slug":"vinayak-damodar-savarkar","name_mr":"वीर सावरकर","auto_create":true,"birth_date":"1883-05-28","death_date":"1966-02-26","name_en":"Veer Savarkar","name_hi":"Veer Savarkar","person_type":"Freedom Fighter","short_bio_en":"An Indian independence activist, politician, lawyer, and writer.","short_bio_mr":"भारतीय स्वातंत्र्यसेनानी, राजकारणी, वकील आणि लेखक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Vinayak_Damodar_Savarkar"} ❞
देशभक्ती ही जीवनाची सर्वात मोठी प्रेरणा असावी.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तरी अज्ञानाचेनि मूळें । जे कर्म वाढले असे प्रबळें । तें ज्ञानाग्नीचेनि ज्वाळें । भस्म होईल ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे पेटलेला अग्नी लाकडांना जाळून राख करतो, त्याप्रमाणे आत्मज्ञानाचा अग्नी सर्व कर्मांना भस्म करून टाकतो.
म्हणोनि अज्ञानापासोनि जाहला । हा संशयो हृदयीं संचला । तो ज्ञानशस्त्रें आपुलां । संहारु कीजे ॥ ८९ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अज्ञानामुळे निर्माण झालेला आणि तुझ्या मनात घर करून बसलेला हा संशय, तू स्वतःच्या ज्ञानाच्या तलवारीने नष्ट करून टाक.
दिन विशेष 27
सर्व पहा →
भारतात इंटरनेटची सुरुवात
1995
'शोले' चित्रपटाचे प्रदर्शन
1975
इसरो (ISRO) ची स्थापना
1969
भारतीय स्वातंत्र्य दिन
1947
रामकृष्ण परमहंस पुण्यतिथी
1886
श्री अरविंदो घोष जयंती
1872अजित वाडेकर निधन
2018भारतात रंगीत दूरदर्शनचे आगमन
1982शेख मुजीबुर रहमान पुण्यतिथी
1975पिन कोड प्रणालीची सुरुवात
1972काँगो प्रजासत्ताक स्वातंत्र्य दिन
1960राखी गुलजार जयंती
1958अरुणा इराणी जयंती
1952आसाममध्ये मोठा भूकंप
1950स्वतंत्र भारताचे पहिले टपाल तिकीट
1948दक्षिण कोरिया स्वातंत्र्य दिन
1947भारताचे पहिले मंत्रिमंडळ
1947महाराष्ट्र आणि भारतीय स्वातंत्र्याचा आनंदोत्सव
1947जपानची शरणागती (दुसरे महायुद्ध)
1945महादेव देसाई पुण्यतिथी
1942प्राण कुमार शर्मा जयंती
1938अजित वाडेकर जयंती
1933प्रेम नजीर जयंती
1924राम जेठमलानी जयंती
1923पनामा कालव्याचे उद्घाटन
1914उस्ताद अमीर खान जयंती
1912नेपोलियन बोनापार्ट जयंती
1769इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: चालू वर्तमानकाळ आणि शाळा
चालू वर्तमानकाळ
- classroom — कक्षा
- library — पुस्तकालय
- teacher — शिक्षक
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
विषुववृत्त: दिवस आणि रात्र समान का असतात? खगोलशास्त्रीय रहस्य | Paripath
दरवर्षी सप्टेंबर महिन्यात येणारे शरद विषुववृत्त म्हणजे काय? या दिवशी दिवस आणि रात्र समान का असतात? प...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥