परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
बुधवार, 12 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ निरंतर प्रयास से असंभव भी संभव हो जाता है।Meaning_en: Continuous and persistent hard work can make the impossible possible.Meaning_hi: निरंतर और कठिन परिश्रम से असंभव कार्य भी सिद्ध हो सकते हैं।person_ref:{"slug":"samarth-ramdas","name_mr":"समर्थ रामदास","auto_create":true,"birth_date":"1608-01-01","death_date":"1681-01-01","name_en":"Samarth Ramdas","name_hi":"Samarth Ramdas","person_type":"Saint","short_bio_en":"A 17th-century Marathi saint and writer of 'Dasbodh'.","short_bio_mr":"१७ व्या शतकातील मराठी संत आणि 'दासबोध'चे निर्माते.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Samarth_Ramdas"} ❞
सततच्या प्रयत्नांनी अशक्य गोष्टीही शक्य होतात.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जैसा कूर्मु आपुलीं अंगें । स्वेच्छेंचि संवरी वेगें । तैसीं इंद्रियें विषयसंगें । आवरिलीं ज्यानें ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे कासव आपली सर्व अंगे स्वतःच्या इच्छेने आपल्या पाठीच्या कवचात ओढून घेते, त्याप्रमाणे ज्याने आपली इंद्रिये विषयांच्या ओढीपासून पूर्णपणे आवरून धरली आहेत, त्याची बुद्धी स्थिर झाली आहे असे समजावे.
तो कर्मामाजीं असतां । कर्माचिया अवस्था । न लिंपे सर्वथा । जैसा सूर्य जळीं ॥
📖 विस्तार →तो कर्मात असूनही कर्माच्या परिणामांनी कधीही लिप्त होत नाही, ज्याप्रमाणे सूर्य पाण्यात असूनही पाण्याने ओला होत नाही.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
पार्कर सोलर प्रोबचे प्रक्षेपण
2018
आयएनएस विक्रांत (IAC-1) चे जलावतरण
2013
जागतिक हत्ती दिन
2012
आंतरराष्ट्रीय युवा दिन
1999
पंडित मल्लिकार्जुन मन्सूर पुण्यतिथी
1992
आयबीएम पीसी (IBM PC) चे लोकार्पण
1981
डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन जयंती
1925
डॉ. विक्रम साराभाई जयंती
1919
डॉ. एस. आर. रंगनाथन जयंती (राष्ट्रीय ग्रंथपाल दिन)
1892
अलाहाबादचा तह
1765रशियन पाणबुडी 'कुर्स्क'ची दुर्घटना
2000गुलशन कुमार यांची हत्या
1997सिद्धार्थ बसरूर यांचा जन्म
1981स्पेस शटल 'एंटरप्राइझ'चे पहिले उड्डाण
1977अमित सियाल यांचा जन्म
1975सुचेता दलाल यांचा जन्म
1962नासाने इको-१ ए (Echo 1A) प्रक्षेपित केले
1960सोव्हिएत रशियाची पहिली हायड्रोजन बॉम्ब चाचणी
1953दुसऱ्या महायुद्धाचा शेवटच्या टप्प्यातील घडामोडी
1945केदारनाथ सिंग जयंती
1934स्वराज्य फंडाची घोषणा (पुणे)
1920ब्रिटनची ऑस्ट्रिया-हंगेरीविरुद्ध युद्ध पुकारणी
1914पहिली कॅनॉल ट्रान्झिट
1914पहिली मॉडेल टी फोर्ड कार
1908हवाई बेटांचे अमेरिकेत विलीनीकरण
1898इर्विन श्रोडिंगर जयंती
1887शिकागो शहराची स्थापना
1833विल्यम ब्लेक पुण्यतिथी
1827अबुल फजलची हत्या
1602क्लियोपेट्राचा मृत्यू
-30विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →हिरोशिमा दिनाचे धडे: शांतता आणि जागतिक सलोख्याचे महत्त्व | परिपाठ
आज, ६ ऑगस्ट २०२६ रोजी आपण हिरोशिमा दिनाचे स्मरण करत असताना, युद्धाच्या भीषण परिणामांची आणि शांततेच्य...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥