परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शनिवार, 08 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ स्वच्छता ही ईश्वर है।Meaning_en: Maintaining external and internal cleanliness is true devotion.Meaning_hi: बाहरी और आंतरिक स्वच्छता बनाए रखना ही सच्ची भक्ति है।person_ref:{"slug":"sant-gadge-maharaj","name_mr":"संत गाडगे महाराज","auto_create":true,"birth_date":"1876-02-23","death_date":"1956-12-20","name_en":"Sant Gadge Maharaj","name_hi":"Sant Gadge Maharaj","person_type":"Saint","short_bio_en":"A mendicant singer and social reformer who focused on cleanliness.","short_bio_mr":"स्वच्छतेवर भर देणारे एक फिरते कीर्तनकार आणि समाजसुधारक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Gadge_Maharaj"} ❞
बाहेरची आणि मनाची स्वच्छता राखणे हीच खरी भक्ती आहे.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि अर्जुना सांगो किती । जे हे साम्यबुद्धि पावती । तेचि देहधारी होती । परब्रह्म ॥ ६५ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, मी तुला किती सांगू? ज्यांना ही समबुद्धी प्राप्त होते, ते मानवी शरीरात असूनही प्रत्यक्ष परब्रह्मच होतात.
म्हणौनि कर्माचेनि आधारें । जेणें अकर्मता होय साचारें । तेंचि संन्यासलक्षण खरें । अर्जुना पाहीं ॥ १८३ ॥
📖 विस्तार →अर्जुना, कर्माचा त्याग न करता, कर्म करत असतानाच कर्माच्या फळाची आसक्ती सोडणे आणि कर्मात न अडकणे, हेच खरे संन्यासाचे लक्षण आहे.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
प्रणव मुखर्जी यांना भारतरत्न प्रदान
2019
बीजिंग ऑलिम्पिकचे उद्घाटन
2008
सुधाकरराव नाईक यांचा जन्म
1952
भारतीय हॉकी संघाचे सुवर्णपदक
1948
छोडो भारत ठराव संमत
1942
एस. एम. जोशी यांचा जन्म
1899बर्मिंगहॅम राष्ट्रकुल स्पर्धा सांगता
2022चंद्रकांत गोखले यांचे निधन
2008इराकने कुवेत विलीन केल्याची घोषणा
1990म्यानमारमधील '८८८८' जनआंदोलन
1988याह्या खान यांचे निधन
1980रिचर्ड निक्सन यांचा राजीनामा जाहीर
1974आशियान (ASEAN) स्थापना दिन
1967जी. डी. बिर्ला यांचे निधन
1961वृंदा कारत यांचा जन्म
1956भारत-भूतान मैत्री करार
1949सोव्हिएत युनियनचे जपानविरुद्ध युद्ध जाहीर
1945बुद्धदेव भट्टाचार्य यांचा जन्म
1944वाईसरॉयची 'ऑगस्ट ऑफर' जाहीर
1940दिलीप सरदेसाई यांचा जन्म
1928अली सरदार जाफरी यांचा जन्म
1925वुलपुला बालरामलू यांचा जन्म
1921रावळपिंडीचा तह
1919एमियन्सची लढाई सुरू
1918भीष्म सहानी यांचा जन्म
1915इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: चालू वर्तमानकाळ
चालू वर्तमानकाळ (Present Continuous Tense)
- sweep — झाड़ू लगाना
- mop — पोछा लगाना
- kitchen — रसोई
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →हिरोशिमा दिनाचे धडे: शांतता आणि जागतिक सलोख्याचे महत्त्व | परिपाठ
आज, ६ ऑगस्ट २०२६ रोजी आपण हिरोशिमा दिनाचे स्मरण करत असताना, युद्धाच्या भीषण परिणामांची आणि शांततेच्य...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥