परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शनिवार, 01 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ सत्य का पालन करना ही असली धर्म है।Meaning_en: Accepting the path of truth is the ultimate service to God.Meaning_hi: सत्य के मार्ग पर चलना ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।person_ref:{"slug":"sant-tukaram","name_mr":"संत तुकाराम","auto_create":true,"birth_date":"1608-01-01","death_date":"1650-01-01","name_en":"Sant Tukaram","name_hi":"Sant Tukaram","person_type":"Saint","short_bio_en":"A 17th-century Marathi poet-saint of the Bhakti movement.","short_bio_mr":"भक्ती चळवळीतील १७ व्या शतकातील मराठी कवी-संत.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Tukaram"} ❞
सत्याचा मार्ग स्वीकारणे हीच खरी ईश्वरसेवा आहे.
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →लोकमान्य तिलक
भारतीय असंतोषाचे जनक आणि थोर स्वातंत्र्यसेनानी.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तरी हे साचचि अचलु । आणि सर्वदा हा अढळु । जैसा क्षीरसागरीं कल्लोळु । क्षीररूपचि ॥
📖 विस्तार →हा आत्मा खरोखर स्थिर आणि कायमचा अढळ आहे. जसे दुधाच्या समुद्रातील लाटा या दुधाच्याच असतात, तसाच हा आत्मा परमात्म्यापासून वेगळा नाही.
म्हणोनि अर्जुना ऐकें । हें चैतन्य पैं निकें । जेथ न येती तर्कें । बुद्धीचे गा ॥ २२९ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना ऐक, हे आत्मतत्व (चैतन्य) अत्यंत शुद्ध आणि श्रेष्ठ आहे, जिथे बुद्धीचे कोणतेही तर्क चालत नाहीत.
दिन विशेष 29
सर्व पहा →
भारतीय हवाई वाहतुकीचे राष्ट्रीयीकरण
1953
मीना कुमारी जन्म
1933
लोकमान्य बाळ गंगाधर टिळक पुण्यतिथी
1920
लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे जयंती
1920
असहकार चळवळीची सुरुवात
1920मुस्लिम महिला हक्क दिन
2019पुणे जे. एम. रोड साखळी बॉम्बस्फोट
2012छत्तीसगड राज्य निर्मिती विधेयक संमत
2000नीरद सी. चौधरी यांचे निधन
1999जागतिक स्तनपान सप्ताहाची सुरुवात
1995मराठी वृत्तपत्र क्षेत्रातील बदलांचा काळ
1994गायक राम मराठे पुण्यतिथी
1991अमिताभ बच्चन यांचा खासदारकीचा राजीनामा
1987तापसी पन्नू जन्मदिन
1987कानू बहल जन्मदिन
1976अमर सिंह जन्मदिन
1958नॅशनल बुक ट्रस्टची स्थापना
1957भारतीय अंतराळ आयोग संकल्पना
1953मीनाक्षी शेषाद्री जन्मदिन
1952ओम प्रकाश सोनी जन्मदिन
1948आबासाहेब नरवणे पुण्यतिथी
1944के. एन. राज जन्म
1932टिळक स्वराज्य फंड स्थापना
1921पुरुषोत्तम काकोडकर जन्म
1917ॲनी बेझंट यांनी होम रूल लीग सुरू केली
1916भगवत दयाल शर्मा जन्म
1913मोहम्मद निसार जन्म
1910कमला नेहरू जयंती
1899पोस्ट ऑफिस सेव्हिंग बँक सुरुवात
1882इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: आज्ञार्थी वाक्ये आणि बाजार
आज्ञार्थी वाक्ये
- fresh — ताज़ा
- cheap — सस्ता
- price — कीमत
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों की चमकेगी किस्मत! अब 'नासा' और 'इसरो' की करेंगे सैर
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को नासा (NASA) और इसरो (ISRO) की यात्रा पर भेजन...
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प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) कैसे आयोजित करें? विस्तृत मार्गदर्शिका
आदर्श स्कूल परिपाठ कैसे आयोजित करें? इस विस्तृत मार्गदर्शिका में प्रार्थना, समाचार, सुविचार और अनुशा...
⏱️ 18 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥