परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
बुधवार, 29 जुलै 2026सुविचार
→❝ जो जानते हो, दूसरों को सिखाओ। ❞
जो कुछ भी आप जानते हैं, वह दूसरों को सिखाएं।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →Babasaheb Purandare
शिवचरित्रकार म्हणून प्रसिद्ध.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि आपुला जो स्वधर्मु । तोचि परम मंगलु । जरी होय अतिविषमु । तरी तोचि आचरावा ॥
📖 विस्तार →म्हणून आपले जे स्वतःचे कर्तव्य (स्वधर्म) आहे, तेच सर्वात कल्याणकारी आहे. ते कर्तव्य पार पाडणे जरी खूप कठीण वाटले, तरी त्याचेच पालन करावे.
म्हणोनि कर्मे तरी कीजती । परि तीं कर्तेपणें न शिवती । जैसा सूर्य न लिंपे दीप्ति । प्रकाशुनी ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्मे तर केली जातात, पण ती 'मी करतो' या भावनेने (कर्तेपणाने) स्पर्श करत नाहीत. ज्याप्रमाणे सूर्य प्रकाश देऊनही त्या प्रकाशाने लिप्त होत नाही.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
राफेल विमानांचे भारतात आगमन
2020
जागतिक व्याघ्र दिन
2010
भारताचे हॉकीमध्ये ऐतिहासिक ऑलिंपिक सुवर्णपदक
1980
जे.आर.डी. टाटा जयंती
1904
थोरले माधवराव पेशवे यांची नियुक्ती
1761राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण २०२० ला मंजुरी
2020महारानी गायत्री देवी यांचे निधन
2009नंदिनी सत्पथी यांचे निधन
2006अभिनेता जॉनी वॉकर यांचे निधन
2003लिअँडर पेसचा ऑलिंपिकमध्ये ऐतिहासिक विजय
1996भारत-श्रीलंका शांतता करार
1987प्रिन्स चार्ल्स आणि डायना यांचा विवाह
1981अभिनेता संजय दत्त यांचा जन्म
1959नासा (NASA) ची स्थापना
1958हेमा सरदेसाई यांचा जन्म
1957गायक अनुप जलोटा यांचा जन्म
1953लंडन ऑलिंपिकमध्ये स्वतंत्र भारताचा पहिला ध्वज
1948ओम शिवपुरी यांचा जन्म
1938शांतीलाल शाह यांचा जन्म
1923मुंबईत परदेशी कापडांची मोठी होळी
1921मोहन बागानचा ऐतिहासिक आय.एफ.ए. शील्ड विजय
1911जी.पी. सिप्पी यांचा जन्म
1910पहिली हेग शांतता परिषद
1899ईश्वरचंद्र विद्यासागर पुण्यतिथी
1891इंडियन असोसिएशन फॉर द कल्टिव्हेशन ऑफ सायन्सची स्थापना
1876इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: डॉक्टरकडे संवाद आणि सल्ला
सहाय्यकारी क्रियापदे: Should (सल्ला देणे)
- prescription — नुस्खा (दवा की पर्ची)
- symptom — लक्षण
- dose — खुराक
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों की चमकेगी किस्मत! अब 'नासा' और 'इसरो' की करेंगे सैर
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को नासा (NASA) और इसरो (ISRO) की यात्रा पर भेजन...
⏱️ 25 min read
फिनिश लाइन के परे: खेलो इंडिया २०२६ में कबड्डी और खो-खो के जरिए 'सहवीर्यं करवावहै' का पुनरुत्थान
जानिए कैसे २०२६ के खेलो इंडिया स्वदेशी खेल 'सहवीर्यं करवावहै' जैसी प्राचीन गुरुकुल नैतिकता को पुनर्ज...
⏱️ 15 min read
प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
⏱️ 15 min read
स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥