परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 21 जुलै 2026सुविचार
→❝ कपास लोहे को नहीं छेद सकता। ❞
कपास को कितना भी दबाओ, वह लोहे को नहीं छेद सकता।
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि तूं आतां । झकवूनि या चित्ता । संन्यासु न करीं सर्वथा । धनुर्धरा ॥ १४९ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, तू आता आपल्या मनाला फसवून कोणत्याही प्रकारे संन्यासाचा (किंवा कर्माचा त्याग करण्याचा) विचार करू नकोस.
म्हणोनि कर्माचेनि आधारें । जे कर्मचि सांडणें आहे खरें । तें युक्तीचेनि द्वारें । विचारीं पां ॥ १४२ ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्माचा आधार घेऊनच कर्म कसे सोडायचे (कर्माच्या बंधनातून कसे मुक्त व्हायचे), याचा तू योग्य युक्तीने विचार कर.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका गंगूबाई हंगल यांचे निधन
2009
प्रतिभा पाटील भारताच्या पहिल्या महिला राष्ट्रपती म्हणून निवडून आल्या
2007
नील आर्मस्ट्राँग यांचे चंद्रावर पाऊल
1969
व्योमेशचंद्र बॅनर्जी यांचे निधन
1906द्रौपदी मुर्मू यांची भारताच्या राष्ट्रपतीपदी निवड
2022प्रसिद्ध चित्रकार एस. एच. रझा यांचे निधन
2016अभिनेते शिवाजी गणेशन यांचे निधन
2001इन्सॅट-१सी (INSAT-1C) उपग्रहाचे यशस्वी प्रक्षेपण
1988पृथ्वीवरील सर्वात कमी तापमानाची नोंद
1983मंगळ ४ (Mars 4) मोहिमेचे प्रक्षेपण
1973भूतानचे राजे जिग्मे दोरजी वांगचुक यांचे निधन
1972भारत-चीन सीमा संघर्ष - लडाखमधील चकमक
1962सिरिमावो भंडारनायके जगातील पहिल्या महिला पंतप्रधान बनल्या
1960जिनिव्हा करार - पहिले इंडोचायना युद्ध समाप्त
1954अभिनेता रॉबिन विल्यम्स यांचा जन्म
1951क्रिकेटपटू चेतन चौहान यांचा जन्म
1945ग्वामची लढाई सुरू
1944भारतीय क्रिकेटपटू चंदू बोर्डे यांचा जन्म
1934गीतकार आनंद बक्षी यांचा जन्म
1930शिक्षणतज्ज्ञ विद्या पटवर्धन यांचा जन्म
1926प्रसिद्ध व्हायोलिन वादक आयझॅक स्टर्न यांचा जन्म
1920मार्शल मॅक्लुहान यांचा जन्म
1911साहित्यिक अर्नेस्ट हेमिंग्वे यांचा जन्म
1899बेल्जियमचा राष्ट्रीय दिवस
1831पॉल र्युटर यांचा जन्म
1816इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: बाजारात संभाषण आणि 'Can' चा वापर
Modals: 'Can' चा वापर
- Fresh — ताज़ा
- Price — कीमत
- Discount — छूट
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →आपला तिरंगा: केवळ ध्वज नाही, तर देशाभिमानाचे प्रतीक!
आपला तिरंगा, भारताचा राष्ट्रध्वज, केवळ एक कापडाचा तुकडा नाही, तर तो आपल्या देशाच्या गौरवशाली इतिहासा...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥