परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 21 जुलै 2026सुविचार
→❝ कपास लोहे को नहीं छेद सकता। ❞
कपास को कितना भी दबाओ, वह लोहे को नहीं छेद सकता।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तरी अर्जुना हे ऐकें । जो हा निजधर्मु न चुके । तो सकळ सुखें ओळखे । आपणयांतें ॥ १२९ ॥
📖 विस्तार →अर्जुना, हे नीट ऐक. जो माणूस आपला स्वधर्म (कर्तव्य) कधीही सोडत नाही, त्याला सर्व सुखे आपोआप प्राप्त होतात आणि तो स्वतःला ओळखू शकतो.
जेथूनि हे विश्व जाहले । जेणे हे विस्तारले । तेणेचि हे व्यापिले । आघवेची ॥ २१८ ॥
📖 विस्तार →ज्या परमात्म्यापासून हे सर्व जग निर्माण झाले आहे, ज्याने या जगाचा विस्तार केला आहे, त्यानेच हे सर्व जग पूर्णपणे व्यापलेले आहे.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका गंगूबाई हंगल यांचे निधन
2009
प्रतिभा पाटील भारताच्या पहिल्या महिला राष्ट्रपती म्हणून निवडून आल्या
2007
नील आर्मस्ट्राँग यांचे चंद्रावर पाऊल
1969
व्योमेशचंद्र बॅनर्जी यांचे निधन
1906द्रौपदी मुर्मू यांची भारताच्या राष्ट्रपतीपदी निवड
2022प्रसिद्ध चित्रकार एस. एच. रझा यांचे निधन
2016अभिनेते शिवाजी गणेशन यांचे निधन
2001इन्सॅट-१सी (INSAT-1C) उपग्रहाचे यशस्वी प्रक्षेपण
1988पृथ्वीवरील सर्वात कमी तापमानाची नोंद
1983मंगळ ४ (Mars 4) मोहिमेचे प्रक्षेपण
1973भूतानचे राजे जिग्मे दोरजी वांगचुक यांचे निधन
1972भारत-चीन सीमा संघर्ष - लडाखमधील चकमक
1962सिरिमावो भंडारनायके जगातील पहिल्या महिला पंतप्रधान बनल्या
1960जिनिव्हा करार - पहिले इंडोचायना युद्ध समाप्त
1954अभिनेता रॉबिन विल्यम्स यांचा जन्म
1951क्रिकेटपटू चेतन चौहान यांचा जन्म
1945ग्वामची लढाई सुरू
1944भारतीय क्रिकेटपटू चंदू बोर्डे यांचा जन्म
1934गीतकार आनंद बक्षी यांचा जन्म
1930शिक्षणतज्ज्ञ विद्या पटवर्धन यांचा जन्म
1926प्रसिद्ध व्हायोलिन वादक आयझॅक स्टर्न यांचा जन्म
1920मार्शल मॅक्लुहान यांचा जन्म
1911साहित्यिक अर्नेस्ट हेमिंग्वे यांचा जन्म
1899बेल्जियमचा राष्ट्रीय दिवस
1831पॉल र्युटर यांचा जन्म
1816इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: वाक्यांचे प्रकार: आज्ञार्थी वाक्ये
आज्ञार्थी वाक्ये
- Ticket —
- Window —
- Seat —
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों की चमकेगी किस्मत! अब 'नासा' और 'इसरो' की करेंगे सैर
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को नासा (NASA) और इसरो (ISRO) की यात्रा पर भेजन...
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फिनिश लाइन के परे: खेलो इंडिया २०२६ में कबड्डी और खो-खो के जरिए 'सहवीर्यं करवावहै' का पुनरुत्थान
जानिए कैसे २०२६ के खेलो इंडिया स्वदेशी खेल 'सहवीर्यं करवावहै' जैसी प्राचीन गुरुकुल नैतिकता को पुनर्ज...
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प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥