परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 14 जुलै 2026सुविचार
→❝ मोम से कोमल, वज्र से कठोर। ❞
हम भक्त मोम से भी कोमल हैं, लेकिन समय आने पर वज्र से भी कठोर हो सकते हैं।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
आज का व्यक्तित्व
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जी. जी. आगरकर
एक थोर समाजसुधारक, विचारवंत आणि 'सुधारक' वृत्तपत्राचे संपादक.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जेथ अभिनव वाग्विलास । जेथ चातुर्याचा सौरस । जेथ प्रमेयाचा सुवास । प्रगटला असे ॥ ४ ॥
📖 विस्तार →जिथे नवीन शब्दांची शोभा आहे, जिथे बुद्धिमत्तेचा गोडवा आहे आणि जिथे सिद्धांतांचा सुगंध दरवळत आहे.
जेणें आपणयांतें देखिलें । आणि देखतचि अकर्तेपण पावलें । तें कर्मचि अकर्म जालें । सहजें तया ॥
📖 विस्तार →ज्याने स्वतःच्या आत्मस्वरूपाला ओळखले आहे आणि ज्याला आपण काहीही करत नाही (अकर्तेपण) याची जाणीव झाली आहे, त्याच्यासाठी कर्म हे सहजपणे अकर्म (बंधमुक्त) होऊन जाते.
दिन विशेष 30
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चांद्रयान-३ प्रक्षेपण
2023
वर्धा येथे 'छोडो भारत' ठराव मंजूर
1942
शंकरराव चव्हाण जन्म
1920
गोपाळ गणेश आगरकर जन्म
1856
बॅस्टिल डे (फ्रेंच राष्ट्रीय दिन)
1789न्यू होरायझन्सचे प्लूटो जवळून उड्डाण
2015भारतातील अखेरची तार (Telegram) सेवा
2013यशपाल स्मृतीदिन
2008लीला चिटणीस स्मृतीदिन
2003न्यायमूर्ती बकुल लेंटिन स्मृतीदिन
1993महाराष्ट्र चित्रपट, रंगभूमी आणि सांस्कृतिक विकास महामंडळ उपक्रम
1987मदन पुरी स्मृतीदिन
1985रोहिणी D-2 उपग्रहाचे यशस्वी प्रक्षेपण
1983सुमीत व्यास जन्म
1983आबासाहेब मुजुमदार स्मृतीदिन
1973जयप्रकाश नारायण यांचे आंदोलन
1972मधू सप्रे जन्म
1971इराक प्रजासत्ताकाची स्थापना
1958संतोष गंगवार जन्म
1948शिव नाडर जन्म
1945सिमला परिषद सांगता
1945प्रभाष जोशी जन्म
1936सुकुमार अळीकोड जन्म
1928पी. के. वासुदेवन नायर जन्म
1921सदाशिव गोविंद बर्वे जन्म
1914जेराल्ड फोर्ड जन्म
1913शांताराम आठवले जन्म
1910आयझॅक बाशेव्हिस सिंगर जन्म
1904डायनामाईटचे पहिले प्रात्यक्षिक
1867विल्यम रॅमसे जन्म
1852इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: आज्ञार्थी वाक्ये आणि घरातील कामे
आज्ञार्थी वाक्ये
- Clean — साफ करना
- Prepare — तैयार करना
- Help — मदद करना
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
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महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों की चमकेगी किस्मत! अब 'नासा' और 'इसरो' की करेंगे सैर
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को नासा (NASA) और इसरो (ISRO) की यात्रा पर भेजन...
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फिनिश लाइन के परे: खेलो इंडिया २०२६ में कबड्डी और खो-खो के जरिए 'सहवीर्यं करवावहै' का पुनरुत्थान
जानिए कैसे २०२६ के खेलो इंडिया स्वदेशी खेल 'सहवीर्यं करवावहै' जैसी प्राचीन गुरुकुल नैतिकता को पुनर्ज...
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प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥