परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
गुरुवार, 18 जून 2026सुविचार
→❝ प्रेम सबके लिए एक समान होता है। ❞
प्रेम तो प्रेम है, आपका और हमारा एक जैसा है।
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि उचित जे कर्म । आणि विहित जे धर्म । तेचि आचरावे उत्तम । फळाशा सांडूनि ॥
📖 विस्तार →म्हणून जे योग्य कर्म आहे आणि जे शास्त्राने सांगितलेले कर्तव्य आहे, तेच फळाची अपेक्षा न ठेवता उत्तम प्रकारे करावे.
Mhanoni Arjuna tu pahi | Ya buddhisi saman duje nahi | Jeth sthir jaliya kahi | Une na dise || 90 ||
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, तू लक्षात घे की या स्थिर बुद्धीसारखे श्रेष्ठ दुसरे काहीही नाही. एकदा का बुद्धी स्थिर झाली की जीवनात कोणतीही कमतरता उरत नाही.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
मिल्खा सिंग यांचे निधन
2021
भारतीय हवाई दलात पहिल्या महिला लढाऊ वैमानिकांचा समावेश
2016
राहुल गांधी यांचा जन्म
1970
गोवा क्रांती दिन
1946
झाशीची राणी लक्ष्मीबाई यांचे बलिदान
1858लूनर रिकॉनिसन्स ऑर्बिटरचे प्रक्षेपण
2009सय्यद मुश्ताक अली यांचे निधन
2005नसीम बानू यांचे निधन
2002शिवकुमार जोशी यांचे निधन
1992डॉ. एम. एस. स्वामिनाथन यांना पहिला जागतिक अन्न पुरस्कार
1987डॉ. मो. ग. मैणकर यांचे निधन
1983शकुंतला देवी यांचा विश्वविक्रम
1980जॉर्गी झुकोव्ह यांचे निधन
1974हिंदू वारसा हक्क कायदा लागू
1956इजिप्त प्रजासत्ताक बनले
1953इसाबेला रोसेलिनी यांचा जन्म
1952भारतीय राज्यघटनेची पहिली दुरुस्ती
1951पॉल मॅकार्टनी यांचा जन्म
1942थाबो म्बेकी यांचा जन्म
1942विन्स्टन चर्चिल यांचे 'फायनेस्ट अवर' भाषण
1940चार्ल्स द गॉल यांचे ऐतिहासिक आवाहन
1940के. एस. सुदर्शन यांचा जन्म
1931अमेलिया इअरहार्ट यांचे उड्डाण
1928डॉ. बा. ग. देशपांडे यांचा जन्म
1923गणितज्ञ डॉ. श्रीराम अभ्यंकर यांचा जन्म
1917रे रॉबिन्सन यांचा जन्म
1910सॅम्युअल बटलर यांचे निधन
1902सर गिरजा शंकर बाजपेयी यांचा जन्म
1881वॉटरलूची लढाई
1815विल्यम लासेल यांचा जन्म
1799इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: बाजारातील संवाद आणि 'Can' चा वापर
सहाय्यकारी क्रियापद: Can
- fresh — ताज़ा
- price — कीमत
- cheap — सस्ता
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
आदर्श परिपाठ के लिए १० महत्वपूर्ण टिप्स: स्कूली जीवन में अनुशासन और संस्कार
अपने स्कूल की सुबह की सभा (परिपाठ) को आदर्श, आकर्षक और अनुशासित बनाने के लिए 10 महत्वपूर्ण टिप्स जानें।
स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को...
⏱️ 15 min read
स्कूल असेंबली (परिपाठ) कैसे आयोजित करें? विस्तृत मार्गदर्शिका
आदर्श स्कूल परिपाठ कैसे आयोजित करें? इस विस्तृत मार्गदर्शिका में प्रार्थना, समाच...
⏱️ 18 min read
स्कूल असेंबली एंकरिंग स्क्रिप्ट: हिंदी, मराठी और अंग्रेजी में
मराठी, अंग्रेजी और हिंदी में विस्तृत परिपाठ सूत्रसंचालन स्क्रिप्ट प्राप्त करें। ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥