परिपाठ
दैनिक परिपाठ — सुविचार, पंचांग, दिन विशेष, संस्कृत सुभाषित, बोधकथा और बहुत कुछ एक ही जगह।
आजचे विशेष
शनिवार, 13 जून 2026सुविचार
→❝ संघर्ष के बाद ही सफलता मिलती है। ❞
जीवन चूल्हे पर रखे तवे जैसा है; पहले हाथ जलते हैं, फिर रोटी मिलती है।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →प्रह्लाद केशव अत्रे
मराठीतील प्रसिद्ध लेखक, पत्रकार आणि प्रभावी वक्ते.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जे सांख्यीं पद पाविजे । तेंचि योगियांही लाहिजे । म्हणोनि दोन्ही एकचि मानिजे । अर्जुना पैं ॥ ५ ॥
📖 विस्तार →सांख्य मार्गाने (ज्ञानाने) जे स्थान मिळते, तेच कर्मयोगानेही मिळते. म्हणून सांख्य आणि योग हे दोन्ही एकच आहेत असे जो समजतो, तोच खरा ज्ञानी होय.
जेणें आपणयांतें देखिलें । आणि देखतचि अकर्तेपण पावलें । तें कर्मचि अकर्म जालें । सहजें तया ॥
📖 विस्तार →ज्याने स्वतःच्या आत्मस्वरूपाला ओळखले आहे आणि ज्याला आपण काहीही करत नाही (अकर्तेपण) याची जाणीव झाली आहे, त्याच्यासाठी कर्म हे सहजपणे अकर्म (बंधमुक्त) होऊन जाते.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
कारगिल युद्ध - तोलोलिंग टेकडीवर ताबा
1999
प्रल्हाद केशव अत्रे (आचार्य अत्रे) स्मृतिदिन
1969
नेताजी सुभाषचंद्र बोस यांचे टोकियोत आगमन
1943
गणेश दामोदर सावरकर (बाबाराव सावरकर) जयंती
1879गझल सम्राट मेहंदी हसन स्मृतीदिन
2012गुम्मीडी व्यंकटेश्वर राव स्मृतीदिन
2010डॉ. गोविंदाप्पा व्यंकटस्वामी स्मृतीदिन
2006डी. एम. नंजुंडप्पा स्मृतीदिन
2005उपहार सिनेमा अग्निकांड
1997पायोनियर १० ने सौरमाला सोडली
1983पहिला व्ही-१ रॉकेट हल्ला
1944सरिता जोशी जयंती
1941श्रीराम शंकर अभ्यंकर जयंती
1930प्रेम धवन जयंती
1923माधव विठ्ठल कामत (एम. व्ही. कामत) जयंती
1921एस. व्ही. रंगा राव जयंती
1918पु. ना. ओक जयंती
1917नीळकंठ खाडिलकर जयंती
1912सदाशिव गोविंद बर्वे (स. गो. बर्वे) जयंती
1912पी. सी. जोशी जयंती
1911ई. एम. एस. नंबुद्रीपाद जयंती
1909जेम्स क्लर्क मॅक्सवेल जयंती
1831रॉबर्ट क्लाईव्हची पलाशीकडे कूच
1757जलालुद्दीन खिल्जीचा राज्याभिषेक
1290आंतरराष्ट्रीय अल्बिनिझम (रंगहीनता) जागरूकता दिवस
मुहावरे
"अति शहाणा त्याचा बैल रिकामा"
💬 जो माणूस गरजेपेक्षा जास्त हुशारी दाखवतो, त्याचे काम कधीच पूर्ण होत नाही.
📝 रमेशने स्वतःच्या बुद्धीने घरातील सर्व नळ दुरुस्त करण्याचा प्रयत्न केला, पण शेवटी पाणी जास्तच गळू लागले; म्हणूनच म्हणतात, अति शहाणा त्याचा बैल रिकामा.
विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →शैक्षणिक ब्लॉग जल्द ही आ रहे हैं!
हम नए दिशानिर्देश, प्रार्थना सभा टिप्स और समाचार विश्लेषण लिख रहे हैं। जल्द ही मिलेंगे!
ब्लॉग विभागाला भेट द्याशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥