परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शनिवार, 13 जून 2026सुविचार
→❝ संघर्ष के बाद ही सफलता मिलती है। ❞
जीवन चूल्हे पर रखे तवे जैसा है; पहले हाथ जलते हैं, फिर रोटी मिलती है।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →प्रह्लाद केशव अत्रे
मराठीतील प्रसिद्ध लेखक, पत्रकार आणि प्रभावी वक्ते.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि तूं अर्जुना । झणीं चित्तीं वाहासी खेदना । जे हे सर्वथा मारिजेना । कल्पांतींही ॥ १८२ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, तू तुझ्या मनात मुळीच दुःख करू नकोस; कारण हे आत्मतत्त्व जगाचा अंत झाला तरी कधीही मरत नाही.
म्हणौनि आत्मबोधाचां प्रकाशु । जेथ न पावेचि प्रवेशु । तेथ अविद्या हा सौरसु । मांडूनि असे ॥ ६४ ॥
📖 विस्तार →म्हणून ज्या ठिकाणी आत्मज्ञानाचा प्रकाश पोहोचत नाही, त्या ठिकाणी अज्ञान (अविद्या) आपला मोठा विस्तार मांडून बसते.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
कारगिल युद्ध - तोलोलिंग टेकडीवर ताबा
1999
प्रल्हाद केशव अत्रे (आचार्य अत्रे) स्मृतिदिन
1969
नेताजी सुभाषचंद्र बोस यांचे टोकियोत आगमन
1943
गणेश दामोदर सावरकर (बाबाराव सावरकर) जयंती
1879गझल सम्राट मेहंदी हसन स्मृतीदिन
2012गुम्मीडी व्यंकटेश्वर राव स्मृतीदिन
2010डॉ. गोविंदाप्पा व्यंकटस्वामी स्मृतीदिन
2006डी. एम. नंजुंडप्पा स्मृतीदिन
2005उपहार सिनेमा अग्निकांड
1997पायोनियर १० ने सौरमाला सोडली
1983पहिला व्ही-१ रॉकेट हल्ला
1944सरिता जोशी जयंती
1941श्रीराम शंकर अभ्यंकर जयंती
1930प्रेम धवन जयंती
1923माधव विठ्ठल कामत (एम. व्ही. कामत) जयंती
1921एस. व्ही. रंगा राव जयंती
1918पु. ना. ओक जयंती
1917नीळकंठ खाडिलकर जयंती
1912सदाशिव गोविंद बर्वे (स. गो. बर्वे) जयंती
1912पी. सी. जोशी जयंती
1911ई. एम. एस. नंबुद्रीपाद जयंती
1909जेम्स क्लर्क मॅक्सवेल जयंती
1831रॉबर्ट क्लाईव्हची पलाशीकडे कूच
1757जलालुद्दीन खिल्जीचा राज्याभिषेक
1290आंतरराष्ट्रीय अल्बिनिझम (रंगहीनता) जागरूकता दिवस
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: बागेत आणि क्षमतेबद्दल बोलणे
सहाय्यकारी क्रियापदे: Can आणि Cannot
- swing — झूला
- slide — फिसलन पट्टी
- bench — बेंच / बैठने की जगह
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →अनेक भाषांची शक्ती: भारताची भाषिक विविधता आणि जागतिक भाषांचा उत्सव
२६ सप्टेंबर रोजी साजरा होणाऱ्या जागतिक भाषा दिनानिमित्त, आपण भाषिक विविधतेचे महत्त्व आणि भारताच्या अ...
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पी. टी. उषा: भारतीय एथलेटिक्स की 'गोल्डन गर्ल' की पूरी जीवनी
पय्योली एक्सप्रेस पी. टी. उषा के जीवन की प्रेरक कहानी। उनके बचपन के संघर्षों से लेकर 1984 के ओलंपिक ...
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स्वराज्य की जननी: राजमाता जिजाबाई पुण्यतिथि - एक महान प्रेरणा
राजमाता जिजाबाई की पुण्यतिथि पर उनके महान जीवन, प्रशासनिक कुशलता और स्वराज्य के प्रति उनके दृष्टिकोण...
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गणपति उत्सव और बच्चों की मस्ती: संस्कार और आनंद का अद्भुत मेल
गणपति उत्सव बच्चों के जीवन में न केवल खुशियाँ लाता है, बल्कि उन्हें टीम वर्क, अनुशासन और पर्यावरण सं...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥