परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
सोमवार, 04 मे 2026सुविचार
→आजचे सुविचार उपलब्ध नाही
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि अज्ञानापासोनि फिटे । आणि संशयाचीं जाळीं तुटे । मग आत्मस्वरूपीं नीटें । पाविजे गा ॥ १६२ ॥
📖 विस्तार →म्हणून जेव्हा अज्ञान दूर होते आणि संशयाचे जाळे तुटते, तेव्हा मनुष्य आपल्या आत्मस्वरूपाला सहजपणे प्राप्त होतो.
मग स्मृति ते भ्रंशे । आणि बुद्धीचा नाश प्रकाशे । जैसा सूर्य अस्ता जाय तैसें ॥
📖 विस्तार →जेव्हा माणसाची आठवण (स्मृती) नाहीशी होते, तेव्हा त्याची बुद्धी नष्ट होते. ज्याप्रमाणे सूर्य मावळल्यावर अंधार होतो, तसेच बुद्धी गेल्यावर माणसाचे आयुष्य अंधकारमय होते.
दिन विशेष 27
सर्व पहा →
पंडित किशन महाराज यांची पुण्यतिथी
2008
नर्गिस दत्त यांची पुण्यतिथी
1981
मार्गारेट थॅचर ब्रिटनच्या पहिल्या महिला पंतप्रधान बनल्या
1979
पहिल्या राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कारांचे आयोजन
1954
महात्मा गांधींची अटक
1930
तात्यासाहेब कोरे यांची जयंती
1924
टीपू सुलतान यांचा मृत्यू
1799
त्यागराज यांची जयंती
1767कोळसा खाण कामगार दिन
2024आंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिन
2024स्टार वॉर्स डे
2024मुहम्मद कुमैल यांची पुण्यतिथी
1991श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' यांची पुण्यतिथी
1983हेमवती नंदन बहुगुणा यांनी मंत्री म्हणून शपथ घेतली
1977पहिला ग्रॅमी पुरस्कार सोहळा
1959अर्नेस्ट हेमिंवे यांना पुलित्झर पुरस्कार
1953हेमंत कानिटकर यांचा जन्म
1945आझाद हिंद सेनेचे आक्रमण
1944ऑड्रे हेपबर्न यांचा जन्म
1929होस्नी मुबारक यांचा जन्म
1928जितेन मजुमदार यांचा जन्म
1928ॲकॅडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स अँड सायन्सेसची स्थापना
1927जेन जेकब्स यांचा जन्म
1916जी. रामास्वामी यांचा जन्म
1910एस. एम. सिक्री यांची जयंती
1908के. सी. भट्टाचार्य यांचा जन्म
1902ग्वाल्हेरचे महाराजा जयाजीराव शिंदे यांची जयंती
1849इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: चालू वर्तमानकाळ आणि बाजार
चालू वर्तमानकाळ
- fresh — ताजा
- cheap — सस्ता
- expensive — महंगा
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों की चमकेगी किस्मत! अब 'नासा' और 'इसरो' की करेंगे सैर
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को नासा (NASA) और इसरो (ISRO) की यात्रा पर भेजन...
⏱️ 25 min read
रोबोटिक्स के 'नवरस': प्राचीन भारतीय भावनाओं और भविष्य के एआई का संगम
जानें कि कैसे नौ भारतीय शास्त्रीय रस (नवरस) 2026 नेशनल स्कूल साइंस-आर्ट फेयर के लिए एआई डिजाइन में क...
⏱️ 15 min read
मिल्खा सिंह: द फ्लाइंग सिख की अविस्मरणीय और प्रेरणादायी जीवन यात्रा
'द फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह की अविश्वसनीय जीवन यात्रा को जानें। बंटवारे के दर्द से लेकर भारत के सबसे...
⏱️ 15 min read
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई स्मृति दिवस: शौर्य और बलिदान की अमर गाथा
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के स्मृति दिवस पर उनके जीवन, संघर्ष और 1857 के विद्रोह में उनकी भूमिका की व...
⏱️ 25 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥