परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शनिवार, 09 जून 2029सुविचार
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पंचांग
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आज का व्यक्तित्व
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लक्ष्मणराव किर्लोस्कर
लक्ष्मणराव किर्लोस्कर एक भारतीय उद्योगपति थे जिन्होंने किर्लोस्कर समूह की स्थापना की, जो भारत के सबसे बड़े इंजीनियरिंग समूहों में से एक है। उन्हें महाराष्ट्र में औद्योगिक क्रांति क...
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सर्व पहा →म्हणोनि अर्जुना ऐकें । हें ज्ञान जरी फावलें निकें । तरी मोह हा कवणें विखें । उरेल तुज ॥ ११९ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना ऐक, जर तुला हे आत्मज्ञान चांगल्या प्रकारे प्राप्त झाले, तर तुला कोणत्याही प्रकारचा मोह किंवा भ्रम उरणार नाही.
म्हणौनि अर्जुना हें जाणावें | जे बुद्धीसी ऐक्य व्हावें | मग सहजेंचि पाविजे स्थिरावें | आत्मबोधीं || २४५ ||
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, हे लक्षात घे की, जेव्हा आपली बुद्धी आत्मस्वरूपाशी एकरूप होते, तेव्हाच आपल्याला आत्मज्ञानामध्ये खरी स्थिरता मिळते.
दिन विशेष 28
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एम. एफ. हुसेन यांचे निधन
2011
लाल बहादूर शास्त्री भारताचे दुसरे पंतप्रधान बनले
1964
किरण बेदी जन्म
1949
पंडित वसंतराव देशपांडे जन्म
1923
बिरसा मुंडा पुण्यतिथी
1900मिताली राजची निवृत्ती
2022आंतरराष्ट्रीय अभिलेखागार दिन
2009१८ व्या फिफा विश्वचषकाचा प्रारंभ
2006धनुष्य क्षेपणास्त्राची यशस्वी चाचणी
2001जागतिक अधिस्वीकृती दिन
1995राज खोसला यांचे निधन
1991इंदिरा गांधी आंतरराष्ट्रीय विमानतळ लोकार्पण
1986सोनम कपूर जन्म
1985नताली पोर्टमॅन जन्म
1981अमीषा पटेल जन्म
1975सतीश राजवाडे जन्म
1973दिनानाथ दलाल स्मृतीदिन
1971जॉनी डेप जन्म
1963चंद्रशेखर आगाशे पुण्यतिथी
1956अर्जुन सिंह जन्म
1941ऑल इंडिया रेडिओचे नामकरण
1936डोनाल्ड डकचे पडद्यावर पदार्पण
1934नंदिनी सत्पथी जन्म
1931लक्ष्मणराव किर्लोस्कर यांचा औद्योगिक प्रवास सुरू
1891चार्ल्स डिकन्स निधन
1870अमरचंद बांठिया बलिदान दिन
1858बंदा सिंह बहादूर बलिदान
1716औरंगजेबचा राज्याभिषेक
1659इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: इंग्रजी शिक्षणाची सुरुवात
विशेष नामे (Proper Nouns)
- Student — छात्र
- Teacher — शिक्षक
- School — स्कूल / विद्यालय
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
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सारागढीचे युद्ध: शौर्य आणि त्यागाची अविस्मरणीय गाथा
१२ सप्टेंबर १८९७ रोजी सारागढीच्या छोट्याशा चौकीवर २१ शीख जवानांनी हजारो अफगाण हल्लेखोरांशी मरेपर्यंत...
⏱️ 11 min readसारागढीची लढाई: शौर्य आणि त्यागाची अविस्मरणीय गाथा
१२ सप्टेंबर १८९७ रोजी सारागढीच्या लढाईत, २१ शीख सैनिकांनी हजारो अफगाण आक्रमकांशी लढा दिला. त्यांनी आ...
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मनाचे आरोग्य: मदत मागणे आणि एकमेकांना आधार देणे (जागतिक आत्महत्या प्रतिबंध दिनानिमित्त)
आज, जागतिक आत्महत्या प्रतिबंध दिनानिमित्त, 'परिपथ' तुम्हाला मानसिक आरोग्याचे महत्त्व, मदतीची गरज, आण...
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गणपति उत्सव और बच्चों की मस्ती: संस्कार और आनंद का अद्भुत मेल
गणपति उत्सव बच्चों के जीवन में न केवल खुशियाँ लाता है, बल्कि उन्हें टीम वर्क, अनुशासन और पर्यावरण सं...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥