परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
बुधवार, 25 नोव्हेंबर 2026सुविचार
→❝ लोकतंत्र में जनता ही वास्तविक स्वामी होती है। Meaning_en: Democracy values the voice and sovereignty of its citizens above all else. Meaning_hi: लोकतंत्र में जनमत ही सर्वोपरि है। person_ref: {slug: yashwantrao-chavan, name_mr: यशवंतराव चव्हाण, auto_create: true, birth_date: 1913-03-12, death_date: 1984-11-25, name_en: Yashwantrao Chavan, name_hi: यशवंतराव चव्हाण, person_type: Politician, short_bio_en: The first Chief Minister of Maharashtra and a prominent national leader., short_bio_mr: महाराष्ट्राचे पहिले मुख्यमंत्री आणि धोरणी राजकारणी., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/Yashwantrao_Chavan}, tags: [{slug: democracy, name_mr: लोकशाही, name_en: Democracy}, {slug: politics, name_mr: राजकारण, name_en: Politics}] ❞
लोकशाहीत जनतेचे सार्वभौमत्व सर्वात श्रेष्ठ असते.
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जेथ आपणचि आपणया। सोडविजे धनंजया। तरीच आपणया। आपण सखा॥
📖 विस्तार →हे अर्जुना, माणसाने स्वतःच स्वतःचा उद्धार केला पाहिजे. जो स्वतःला संकटातून किंवा मोहातून बाहेर काढतो, तोच स्वतःचा खरा मित्र असतो.
म्हणोनि तूं आतां । झकविजे गा पांडुसुता । या कर्माचिया माथां । पाय देईं ॥ ३८४ ॥
📖 विस्तार →म्हणून हे अर्जुना, तू आता सावध हो आणि या कर्माच्या डोक्यावर पाय देऊन त्याला जिंकून घे (म्हणजेच कर्माच्या बंधनातून मुक्त हो).
दिन विशेष 25
सर्व पहा →दिएगो मॅराडोना निधन
2020फिडेल कॅस्ट्रो निधन
2016संगीतकार आनंद मोडक निधन
2014व्ही. जी. कानेटकर निधन
2004प्रख्यात नाटककार वसंत कानेटकर निधन
2000महिलांवरील हिंसाचार निर्मूलन आंतरराष्ट्रीय दिन
1999भारतातील पहिल्या महिला वैमानिक पथकाचे उड्डाण
1985यशवंतराव चव्हाण पुण्यतिथी
1984मदन पुरी निधन
1983संरक्षण उत्पादन विभाग स्थापना
1962महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडळ (MSRTC) संदर्भातील निर्णय
1960एस.एन.डी.टी. महिला विद्यापीठ वैधानिक मान्यता
1952डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांचे संविधान सभेतील शेवटचे भाषण
1949राष्ट्रीय छात्र सेना (NCC) स्थापना
1948भारत-वेस्ट इंडीज पहिली कसोटी मालिका
1948जुनागड संस्थानचे भारतात विलीनीकरण
1947डॉ. आंबेडकरांची व्हाईसरॉय कौन्सिलमधील भूमिका
1946गणेश श्रीकृष्ण खापर्डे निधन
1938रंगनाथ देशपांडे जन्म
1926साधू जे. पी. वासवानी जन्म
1918बाबा पदमनजी निधन
1906पोप जॉन २३ वे जन्म
1881अलाहाबाद उच्च न्यायालयाची स्थापना
1866कार्ल बेंझ जन्म
1844अँड्र्यू कार्नेगी जन्म
1835इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: बाजारात खरेदी आणि आज्ञार्थी वाक्ये
आज्ञार्थी वाक्ये (वाक्यांचे प्रकार)
- fresh — ताजा
- price — कीमत
- cheap — सस्ता
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥