परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शुक्रवार, 20 नोव्हेंबर 2026सुविचार
→❝ यह दुनिया ऐसी ही है; जब तक आप संघर्ष कर रहे हैं, तब तक आप जीवित हैं। Meaning_en: Life is defined by struggle and the spirit to fight against odds. Meaning_hi: संघर्ष ही जीवन का दूसरा नाम है। person_ref: {slug: anna-bhau-sathe, name_mr: अण्णा भाऊ साठे, auto_create: true, birth_date: 1920-08-01, death_date: 1969-07-18, name_en: Anna Bhau Sathe, name_hi: अण्णा भाऊ साठे, person_type: Writer/Activist, short_bio_en: Social reformer and folk poet who championed the rights of the Dalits and the working class., short_bio_mr: लोकशाहीर आणि उपेक्षितांचे साहित्यिक., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/Annabhau_Sathe}, tags: [{slug: struggle, name_mr: संघर्ष, name_en: Struggle}, {slug: life, name_mr: जीवन, name_en: Life}] ❞
आयुष्य म्हणजे संघर्ष आहे, जोपर्यंत आपण लढतो आहोत तोपर्यंतच आपली ओळख आहे.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणौनि कर्म तंव न सुटे । जोवरी देहबुद्धि न फिटे । आणि कर्मत्यागु न घडे । कवणेंही काळें ॥ १७६ ॥
📖 विस्तार →जोपर्यंत माणसाची देहबुद्धी (मी शरीर आहे ही भावना) जात नाही, तोपर्यंत कर्म सुटत नाही आणि कर्माचा त्याग कोणत्याही काळात शक्य होत नाही.
म्हणोनि समर्थें जे कीजे । तें इतरींही अनुष्ठिजे । तेंचि प्रमाण मानिजे । साधारणें ॥
📖 विस्तार →म्हणून श्रेष्ठ माणसे जे काही करतात, त्याचेच इतर लोकही अनुकरण करतात. श्रेष्ठ लोक ज्या गोष्टीला प्रमाण मानतात, त्याचेच सामान्य लोक पालन करतात.
दिन विशेष 27
सर्व पहा →श्यामला पप्पू स्मृतीदिन
2009डॉ. एम. सी. मोदी स्मृतीदिन
2008ट्रान्सजेंडर स्मृती दिन
1999आंतरराष्ट्रीय अंतराळ स्थानकाचा पहिला टप्पा लॉन्च
1998आफ्रिका औद्योगिकीकरण दिन
1990बाल हक्क कराराचा स्वीकार
1989विंडोज १.० रिलीज
1985फैज अहमद फैज स्मृतीदिन
1984भास्कर-२ उपग्रहाचे यशस्वी प्रक्षेपण
1981तुषार कपूर जन्मदिन
1976सुखविंदर सिंग जन्मदिन
1971शिल्पा शिरोडकर जन्मदिन
1969मिलिंद सोमन जन्मदिन
1965राजकुमार हिराणी जन्मदिन
1962जागतिक बालदिन
1954हरिश साळवे जन्मदिन
1948राजकुमारी एलिझाबेथ यांचा विवाह
1947न्युरेमबर्ग खटल्याची सुरुवात
1945जो बायडेन जन्मदिन
1942मिल्खा सिंग जन्मदिन
1929नादिन गॉर्डिमर जन्मदिन
1923रमाकांत देसाई जन्मदिन
1921कॅम्ब्रेची लढाई - रणगाड्यांचा पहिला मोठा वापर
1917डॉ. बी. के. गोयल जन्मदिन
1914लिओ टॉलस्टॉय स्मृतीदिन
1910एडविन हबल जन्मदिन
1889टिपू सुलतान जयंती
1750इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: आज्ञार्थी वाक्ये (Imperative Sentences)
आज्ञार्थी वाक्ये
- Silent — शांत
- Borrow — उधार लेना
- Submit — जमा करना
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥