परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
गुरुवार, 19 नोव्हेंबर 2026सुविचार
→❝ स्त्री घर की शोभा नहीं, बल्कि घर का आधार स्तंभ है। Meaning_en: Recognizing women's contribution as the foundation of a stable and strong home/society. Meaning_hi: समाज और परिवार के निर्माण में स्त्री की भूमिका निर्णायक होती है। person_ref: {slug: savitribai-phule, name_mr: सावित्रीबाई फुले, auto_create: true, birth_date: 1831-01-03, death_date: 1897-03-10, name_en: Savitribai Phule, name_hi: सावित्रीबाई फुले, person_type: Social Reformer, short_bio_en: First female teacher of India and a pioneer of women's education., short_bio_mr: भारतातील पहिल्या महिला शिक्षिका आणि थोर समाजसुधारक., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/Savitribai_Phule}, tags: [{slug: women-empowerment, name_mr: महिला सक्षमीकरण, name_en: Women Empowerment}, {slug: respect, name_mr: सन्मान, name_en: Respect}] ❞
स्त्रीला केवळ शोभेची वस्तू न मानता तिला सक्षम बनवणे गरजेचे आहे.
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →
रानी लक्ष्मीबाई
झांसी की रानी और 1857 के विद्रोह की महान योद्धा।
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि कर्माचेनि आधारें । जे कर्मचि सांडणें आहे खरें । तें युक्तीचेनि द्वारें । विचारीं पां ॥ १४२ ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्माचा आधार घेऊनच कर्म कसे सोडायचे (कर्माच्या बंधनातून कसे मुक्त व्हायचे), याचा तू योग्य युक्तीने विचार कर.
म्हणोनि तोचि स्थिरप्रज्ञु । जो इंद्रियांसीं नित्य निग्रहो । आणि विषयांवरी जयाचा जयो । तोचि जाणावा ॥
📖 विस्तार →ज्याने आपल्या इंद्रियांवर सतत ताबा मिळवला आहे आणि विषयांवर विजय मिळवला आहे, तोच खरा स्थिर बुद्धीचा माणूस आहे असे समजावे.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →कृषी कायदे मागे घेण्याची घोषणा
2021मन्सूर अहमद स्मृतीदिन
2008कल्पना चावला यांची पहिली अंतराळ मोहीम
1997ऐश्वर्या राय 'मिस वर्ल्ड' बनली
1994पर्यावरण संरक्षण कायदा अंमलबजावणी
1986पु. भा. भावे स्मृतिदिन
1983आयएनएस गोदावरी नौदलात दाखल
1983९ व्या आशियाई खेळांचे उद्घाटन
1982एस. एम. पंडित स्मृतीदिन
1980सुष्मिता सेन जयंती
1975किरण रिजीजू जयंती
1971भागवत कराड जयंती
1956झीनत अमान जयंती
1951न्यायमूर्ती लैला सेठ जयंती
1941पी. एन. हक्सर जयंती
1929दारा सिंग जयंती
1928सलील चौधरी जयंती
1923देबीप्रसाद चटोपाध्याय जयंती
1918इंदिरा गांधी जयंती
1917राष्ट्रीय एकात्मता दिवस
1917फिरोजशहा मेहता स्मृतिदिन
1915डॉ. बी. पी. पाल जयंती
1912सुकुमार अझीकोड जयंती
1911चित्रकार के. ए. दिनशॉ जयंती
1906बी. एन. राव जयंती
1887लिंकन यांचे गेटिसबर्ग भाषण
1863झाशीची राणी लक्ष्मीबाई जयंती
1828जागतिक शौचालय दिन
आंतरराष्ट्रीय पुरुष दिन
जागतिक वारसा सप्ताह प्रारंभ
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: डॉक्टरकडे संवाद आणि सल्ला
सहाय्यकारी क्रियापदे: Should (सल्ला देणे)
- prescription — नुस्खा (दवा की पर्ची)
- symptom — लक्षण
- dose — खुराक
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥