परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शनिवार, 14 नोव्हेंबर 2026सुविचार
→❝ दूसरों की प्रगति से जलने के बजाय अपनी प्रगति पर ध्यान देना हमेशा बेहतर होता है। Meaning_en: Envy wastes time; self-improvement creates value. Meaning_hi: ईर्ष्या करने से ऊर्जा नष्ट होती है, स्वयं की उन्नति पर ध्यान दें। person_ref: {slug: gopal-ganesh-agarkar, name_mr: गोपाळ गणेश आगरकर, auto_create: true, birth_date: 1856-07-14, death_date: 1895-06-17, name_en: Gopal Ganesh Agarkar, name_hi: गोपाल गणेश आगरकर, person_type: Social Reformer, short_bio_en: Social reformer from Maharashtra, thinker and co-founder of the New English School., short_bio_mr: बुद्धिप्रामाण्यवादी समाजसुधारक आणि केसरीचे पहिले संपादक., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/Gopal_Ganesh_Agarkar}, tags: [{slug: self-improvement, name_mr: स्व-सुधारणा, name_en: Self-improvement}, {slug: focus, name_mr: लक्ष, name_en: Focus}] ❞
मत्सर करण्यापेक्षा स्वतःची सुधारणा करणे अधिक फायदेशीर ठरते.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →आणि जयाचिया ठायीं । भेदाची वार्ता नाहीं । जो आपणपां पाही । विश्व सर्व ॥
📖 विस्तार →ज्याच्या मनात भेदाभेद उरलेला नाही आणि जो स्वतःमध्येच संपूर्ण विश्व पाहतो, तोच खरा ज्ञानी होय.
तरी उचित आणि सोपे । जेणे आचरिले न बाणती पापे । ते सांगिजो आम्हांप्रत रूपे । विवंचूनि ॥
📖 विस्तार →म्हणून जे योग्य आणि सोपे आहे, ज्याचे आचरण केल्याने पाप लागत नाही, ते आम्हाला स्पष्ट करून सांगा.
दिन विशेष 27
सर्व पहा →सचिन तेंडुलकरचा शेवटचा कसोटी सामना
2013चांद्रयान-१: मून इम्पॅक्ट प्रोबचे चंद्रावर लँडिंग
2008भारतातील पहिले गुगल डूडल
2002डॉ. जे. पी. नाईक स्मृतीदिन
1993जागतिक मधुमेह दिन
1991नेहरू जन्मशताब्दी समारोह
1989ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद पुण्यतिथी
1977आंतरराष्ट्रीय बाल चित्रपट महोत्सवाची पायाभरणी
1974पृथ्वी थिएटरचे उद्घाटन
1972आयएनएस विक्रांतचे युद्ध सज्जता अभियान
1971अपोलो १२ मोहिमेचे प्रक्षेपण
1969जवाहरलाल नेहरू विद्यापीठ (JNU) कायदा
1968बाल दिन (भारत)
1957नॅशनल फिजिकल लॅबोरेटरीची पायाभरणी
1949किंग चार्ल्स III यांचा जन्म
1948एअर इंडिया इंटरनॅशनलची स्थापना
1947किंग हुसेन (जॉर्डन) जयंती
1935पी. एल. संतोषी जयंती
1928बीबीसी रेडिओ सेवेची सुरुवात
1922डॉ. डी. वाय. पाटील जयंती
1919धनराज भगत जयंती
1912डॉ. शांतीलाल मेहता जयंती
1910तपस्वी शिवाजीराव पटवर्धन जयंती
1892सर फ्रेडरिक बँटिंग जयंती
1891पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती
1889मोबी डिक कादंबरीचे प्रकाशन
1851क्लॉड मोने जयंती
1840विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥