परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शुक्रवार, 13 नोव्हेंबर 2026सुविचार
→❝ असाध्य को भी निरंतर अभ्यास और प्रयास से सिद्ध किया जा सकता है। Meaning_en: Persistence and practice are the keys to overcoming any difficult task. Meaning_hi: निरंतर अभ्यास से कठिन से कठिन कार्य भी संभव हो जाता है। person_ref: {slug: sant-tukaram, name_mr: संत तुकाराम, auto_create: true, birth_date: 1598-01-01, death_date: 1650-01-01, name_en: Sant Tukaram, name_hi: संत तुकाराम, person_type: Saint/Poet, short_bio_en: 17th-century Marathi poet-saint of the Bhakti movement., short_bio_mr: वारकरी संप्रदायातील श्रेष्ठ संत कवी., wikipedia_url: https://en.wikipedia.org/wiki/Tukaram}, tags: [{slug: practice, name_mr: सराव, name_en: Practice}, {slug: perseverance, name_mr: चिकाटी, name_en: Perseverance}] ❞
सततच्या सरावाने आणि प्रयत्नाने अशक्य गोष्टीही शक्य होतात.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →सुख आणि दुःख । समान मानूनि देख । लाभ आणि अलेख । जयापरी ॥
📖 विस्तार →सुख आणि दुःख, फायदा आणि तोटा, तसेच विजय आणि पराजय या गोष्टींना समान मानून तू युद्धासाठी तयार हो. असे केल्याने तुला कोणतेही पाप लागणार नाही.
आणि मारितो मी म्हणती । जे मारिले असे मानिती । ते दोघेही न जाणती । निभ्रांत पैं ॥ १९ ॥
📖 विस्तार →जे लोक म्हणतात की मी मारतो आणि जे समजतात की मी मारला गेलो, ते दोघेही सत्य जाणत नाहीत. कारण आत्मा कोणाला मारत नाही आणि तो कोणाकडून मारलाही जात नाही.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →पॅरिसवर दहशतवादी हल्ला
2015मंगलयान: पहिली कक्षा सुधारण्याची मोहीम
2013जागतिक सौजन्य दिन
1998डॉ. महादेवशास्त्री जोशी स्मृतीदिन
1992समीर विद्वांस यांचा जन्म
1982रिवाबा जडेजा यांचा जन्म
1981आर्यन वैद यांचा जन्म
1977जुही चावला यांचा जन्म
1968भारत-चीन युद्धातील रेझांग लाची तयारी
1962अनिता प्रताप यांचा जन्म
1954चीनचे तिबेटवर आक्रमण
1950हुमायून अहमद यांचा जन्म
1948जुनागड संस्थानाच्या विलीनीकरणाची प्रक्रिया
1947के. जी. बालकृष्णन यांचा जन्म
1945विनायकराव पाटील यांचा जन्म
1940डॉ. माधव गाडगीळ यांचा जन्म
1937नारायण देसाई यांचा जन्म
1928वसंत श्रीपाद मतकरी यांचा जन्म
1924गजानन माधव मुक्तिबोध जयंती
1917नबकृष्ण चौधरी यांचा जन्म
1915दादा धर्माधिकारी यांचा जन्म
1910हुआंग शियानफान यांचा जन्म
1899सांगलीचे अधिपती अप्पासाहेब पटवर्धन यांचे निधन
1873जॉर्ज विल्हेल्म फ्रेडरिक हेगेल स्मृतीदिन
1831महाराजा रणजितसिंह जयंती
1780इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: अपूर्ण वर्तमानकाळ
अपूर्ण वर्तमानकाळ
- medicine — दवा
- stomach — पेट
- patient — मरीज
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥