परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
सोमवार, 26 ऑक्टोबर 2026सुविचार
→आजचे सुविचार उपलब्ध नाही
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जैसा प्रदीप्तु अग्नि विझला । मग तो कोळसाचि जाहला । तैसा क्रोधास्तव मुकला । ज्ञानासी तो ॥
📖 विस्तार →जसा पेटलेला अग्नी विझल्यावर फक्त कोळसा उरतो, तसाच रागामुळे माणूस आपल्या ज्ञानाला मुकतो.
जेथें अर्जुना हें संन्यासपण । तेंचि योगु जाण । म्हणूनि दोन्ही एकचि हें प्रमाण । मानिजे गा ॥
📖 विस्तार →हे अर्जुना, ज्याला आपण संन्यास म्हणतो, तोच खरोखर योग आहे. त्यामुळे संन्यास आणि योग हे दोन्ही एकच आहेत असे तू मान.
दिन विशेष 26
सर्व पहा →
विजेंदर सिंग यांचा जन्म
1985
जम्मू आणि काश्मीरचे भारतात विलीनीकरण
1947
गणेश शंकर विद्यार्थी यांचा जन्म
1890जसपाल भट्टी यांचे निधन
2012घरगुती हिंसाचार प्रतिबंधक कायदा लागू
2006अभिनेता प्रदीप कुमार यांचे निधन
2001अभिनेत्री असिन हिचा जन्म
1985द. रा. बेंद्रे यांचे निधन
1981जगातील शेवटचा नैसर्गिक देवीचा रुग्ण आढळला
1977रवीना टंडन यांचा जन्म
1974भारतात पहिली राष्ट्रीय आणीबाणी घोषित
1962पॅस्कल डॅनियल यांचा जन्म
1958आंतरराष्ट्रीय अणुऊर्जा संस्थेची (IAEA) स्थापना
1956भारतातील पहिल्या सार्वत्रिक निवडणुकीची सुरुवात
1951भारतीय हवाई दलाची श्रीनगरकडे धाव
1947एस. एम. कृष्णा यांचा जन्म
1943जनार्दन वाघमारे यांचा जन्म
1942अखिल भारतीय ग्रामोद्योग संघाची स्थापना
1934एअर चीफ मार्शल ओम प्रकाश मेहरा यांचा जन्म
1930शरदचंद्र मुक्तिबोध यांचा जन्म
1924रामसिंग ठाकूरी यांचा जन्म
1923फ्राँस्वा मितराँ यांचा जन्म
1916नॉर्वेचा स्वीडनपासून वेगळे होण्याचा ठराव
1905ग. दि. खानोलकर यांचा जन्म
1903चिमणलाल सेटलवाड यांचा जन्म
1886बहादूर शाह जफर यांचा जन्म
1775इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: बसचा प्रवास आणि 'Can' चा वापर
Modals: Can आणि Cannot
- Ticket — टिकट
- Window — खिड़की
- Seat — सीट / बैठने की जगह
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →जागतिक सिंह दिन: आशियाई सिंहांचे संरक्षण का महत्त्वाचे आहे?
दरवर्षी १० ऑगस्ट रोजी साजरा होणारा जागतिक सिंह दिन, आपल्याला आशियाई सिंहांच्या संरक्षणाचे महत्त्व सम...
⏱️ 11 min read
हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
⏱️ 20 min read
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min read
1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥