परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
रविवार, 11 ऑक्टोबर 2026सुविचार
→❝ लोगों को जोड़ना ही वास्तविक धन है। ❞
लोगों को जोड़ना ही असली अमीरी है।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →तुकडोजी महाराज
ग्रामगीतेचे लेखक आणि खंजिरी भजनासाठी प्रसिद्ध असलेले राष्ट्रसंत.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →आतां सांख्यमतें तुज। सांगितलें हें निज। जेणें अज्ञान तम भोज। सांडिजे गा॥
📖 विस्तार →आतापर्यंत मी तुला सांख्य शास्त्राच्या दृष्टीने आत्मज्ञानाचे गुपित सांगितले आहे, ज्यामुळे तुझ्या मनातील अज्ञानाचा अंधार पूर्णपणे नाहीसा होईल.
म्हणोनि तूं हें न विचारीं । उगाचि शोक न करीं । जे हें सर्वथा अवधारीं । मारिजेना ॥ १४० ॥
📖 विस्तार →म्हणून तू याचा जास्त विचार करू नकोस आणि उगाच दुःख करू नकोस. हे नीट लक्षात ठेव की आत्मा कधीही मारला जात नाही.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
डॉ. आंबेडकर स्मारक (इंदू मिल) भूमिपूजन
2015
आंतरराष्ट्रीय बालिका दिन
2011
अमिताभ बच्चन यांचा वाढदिवस
1942
भारतरत्न नानाजी देशमुख जयंती
1916
लोकनायक जयप्रकाश नारायण जयंती
1902सांसद आदर्श ग्राम योजना प्रारंभ
2014काथ्या उद्योगाला गती देणारे धोरण
2010दीना पाठक यांचे निधन
2002हार्दिक पांड्या यांचा जन्म
1993ऑपरेशन पवनची सुरुवात
1987कॅथरीन सुलिव्हन यांची अंतराळात चाल
1984मेइतनेरियम मूलद्रव्याचा शोध
1982आकाश चोप्रा यांचा जन्म
1977खंडेराव रांगणेकर स्मृतीदिन
1974संजय बांगर यांचा जन्म
1972अपोलो ७ चे यशस्वी प्रक्षेपण
1968दुसऱ्या व्हॅटिकन कौन्सिलची सुरुवात
1962पथेर पांचाली चित्रपट संपादन पूर्ण
1954शरद सक्सेना यांचा जन्म
1953नुआखाली दंगलीचा काळ
1946चंद्रशेखर लिमये यांचा जन्म
1931ॲनाटोल फ्रान्स स्मृतीदिन
1924चीनमध्ये वुचांग उठाव
1911दुसरे बोअर युद्ध सुरू
1899मगणलाल गांधी जयंती
1889जेम्स प्रेसकोट ज्यूल स्मृतीदिन
1889एलिनॉर रूझवेल्ट जयंती
1884थॉमस एडिसन यांचे पहिले पेटंट
1868सिडनी विद्यापीठाचे उद्घाटन
1852कलकत्ता भीषण चक्रीवादळ
1737इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: मित्राला भेटणे आणि आज्ञार्थी वाक्ये
आज्ञार्थी वाक्ये (वाक्यांचे प्रकार)
- pleasant — सुखद
- gather — इकट्ठा करना
- reminisce — पुरानी यादें ताजा करना
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →चंद्रावर भारताची मोहीम: चांद्रयान ते गगनयान - अंतराळ प्रवासाचे अद्भुत पर्व!
भारताने अंतराळ क्षेत्रात केलेली प्रगती अविश्वसनीय आहे. चांद्रयान मोहिमांद्वारे चंद्रावर भारताची यशस्...
⏱️ 8 min readज्ञानवृक्षाचे शिल्पकार: सर आशुतोष मुखर्जी आणि शिक्षण क्रांती
सर आशुतोष मुखर्जी हे केवळ एक गणितज्ञ, न्यायमूर्ती किंवा प्रशासक नव्हते, तर ते आधुनिक भारतीय शिक्षणाच...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥