परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
सोमवार, 14 सप्टेंबर 2026सुविचार
→❝ सफाई में ही भगवान बसते हैं। ❞
स्वच्छता ही ईश्वर है।
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जेथे चित्तशुद्धी झाली, तेथे बुद्धी स्थिर झाली आणि मग ती सहजपणे आत्मस्वरूपात विलीन झाली.
📖 विस्तार →जेव्हा मन स्वच्छ आणि शुद्ध होते, तेव्हा बुद्धी स्थिर होते. अशी स्थिर बुद्धी मग आपोआप आपल्या खऱ्या स्वरूपाशी (आत्म्याशी) एकरूप होते.
म्हणौनि जे जे उचित । आणि अवसरें पावे प्राप्त । तें कर्म न सांडितां विहित । आचरावें ॥ २७५ ॥
📖 विस्तार →म्हणून जे जे योग्य आहे आणि वेळेनुसार आपल्या वाट्याला आले आहे, ते शास्त्रशुद्ध कर्तव्य न सोडता पार पाडावे.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
गुरुत्वीय लहरींचा शोध
2015
चंद्रकांत मांडरे स्मृतीदिन
2001
लुना-२ चंद्रावर पोहोचले
1959
हिंदी दिवस
1949
राम जेठमलानी जन्मदिन
1923
सी. एन. अण्णादुराई जन्मदिन
1909
डॉ. श्रीधर व्यंकटेश केतकर जन्मदिन
1884
दिल्लीची लढाई (मराठा-ब्रिटीश)
1803पॅट्रिक स्वेझी स्मृतीदिन
2009मायक्रोसॉफ्टचा ऐतिहासिक टप्पा
1998आयुष्मान खुराना जन्मदिन
1984ग्रेस केली स्मृतीदिन
1982रॉबिन सिंग जन्मदिन
1963ओपेक (OPEC) ची स्थापना
1960'धनुर्धारी' साप्ताहिकाचे प्रकाशन
1947पहिल्या हेलिकॉप्टरचे उड्डाण
1939कमला मनकेकर जन्मदिन
1932राजकुमार कोहली जन्मदिन
1930इसाडोरा डंकन स्मृतीदिन
1927दैनिक 'लोकमान्य'ची सुरुवात
1921जी. पी. सिप्पी जन्मदिन
1914आर. के. करंजिया जन्मदिन
1912विल्यम मॅककिन्ले स्मृतीदिन
1901बेओहर राजेंद्र सिंह जन्मदिन
1900जनकवी पी. सावळाराम जन्मदिन
1886मार्गारेट सेंगर जन्मदिन
1879इव्हान पाव्हलोव्ह जन्मदिन
1849जेम्स विल्सन जन्मदिन
1805अलेक्झांडर व्हॉन हम्बोल्ट जन्मदिन
1769दांते अलीघरी स्मृतीदिन
1321इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: वाचनालयातील संभाषण आणि आज्ञार्थी वाक्ये
आज्ञार्थी वाक्ये
- Borrow — उधार लेना
- Return — वापस करना
- Silence — शांति
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
दिवस-रात्रीची समानता: शरद संपात आणि त्याचे विज्ञान
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अभियंता दिन: सर एम. विश्वेश्वरैया आणि त्यांचे दूरदृष्टी कार्य
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥