परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 01 सप्टेंबर 2026सुविचार
→❝ मनुष्यता ही सबसे बड़ा धर्म है। ❞
मनुष्य का दूसरे मनुष्य के साथ मानवीय व्यवहार करना ही सच्चा धर्म है।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →
हबीब तन्वीर
भारत के सबसे लोकप्रिय उर्दू और हिंदी नाटककारों में से एक, थिएटर निर्देशक, कवि और अभिनेता।
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तरी हे विषय जे आहाती। ते इंद्रियद्वारीं येती। आणि सुखदुःखें उपजविती। अंतःकरणीं॥
📖 विस्तार →हे अर्जुना, हे जे विषयांचे भोग आहेत, ते इंद्रियांच्या माध्यमातून मनात प्रवेश करतात आणि सुख-दुःखाची भावना निर्माण करतात.
जेथ कर्माचां ठायीं अकर्म । आणि अकर्मीं देखिजे कर्म । तोचि जाणावा सधर्म । मनुष्यांमध्ये ॥
📖 विस्तार →ज्याला कर्मामध्ये अकर्म (कर्म न करणे) आणि अकर्मामध्ये कर्म दिसते, तोच माणसांमध्ये खरा बुद्धिमान आणि योगी आहे.
दिन विशेष 30
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टायटॅनिक जहाजाचे अवशेष सापडले
1985
भारतीय आयुर्विमा महामंडळ (LIC) स्थापना
1956
भारतीय प्रमाणवेळेची (IST) अधिकृत घोषणा
1947
आझाद हिंद सेनेची स्थापना
1942
दुसऱ्या महायुद्धाची सुरुवात
1939
ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जन्म
1896शिखीका पी. सी. अलेक्झांडर निधन
2013उझबेकिस्तान स्वातंत्र्य दिन
1991कोरियन एअरलाईन्स दुर्घटना (KAL 007)
1983अभिनेता राम कपूर यांचा जन्म
1973पद्मा लक्ष्मी यांचा जन्म
1970लिबियात मुअम्मर गडाफीची सत्ता
1969भारत-पाक युद्ध (१९६५) प्रारंभ
1965इंडियन ऑईल कॉर्पोरेशन (IOC) स्थापना
1964अलिप्ततावादी चळवळीची पहिली शिखर परिषद
1961त्रिपुरा केंद्रशासित प्रदेश बनला
1956सुरेश प्रभू यांचा जन्म
1953सुनील गुलाटी यांचा जन्म
1952पी. ए. संगमा यांचा जन्म
1947पी. एस. शिवस्वामी अय्यर यांचे निधन
1945चित्रा सिंग यांचा जन्म
1945दीपचंद बीजवत यांचा जन्म
1933चेरिल फर्नांडिस यांचा जन्म
1930के. एन. राज यांचा जन्म
1924हबीब तन्वीर यांचा जन्म
1923राधा बर्निअर यांचा जन्म
1923एस. आर. राव (पुरातत्वशास्त्रज्ञ) जन्म
1922माधव मंत्री यांचा जन्म
1921ईश्वर देशमुख यांचा जन्म
1915के. एन. सिंग यांचा जन्म
1908इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: शाळेतील संवाद आणि वाक्यांचे प्रकार
वाक्यांचे प्रकार: विधानार्थी आणि प्रश्नार्थी
- classroom — कक्षा
- principal — प्राचार्य
- library — पुस्तकालय
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
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ISRO मिशन कंट्रोल स्ट्रैटेजी: अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रोटोकॉल के साथ परीक्षा में सफलता कैसे पाएं?
इसरो के मिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल को अपनाकर अपनी 2026 की परीक्षा की तैयारी को एक नई ऊँचाई दें। जानें 'T...
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महाराष्ट्र मंतरा (MANTRA) हब: बौद्धिक संपदा और अनुसंधान व्यावसायीकरण का नया केंद्र
महाराष्ट्र सरकार 1 जुलाई से मुंबई विश्वविद्यालय में 'मंतरा हब' शुरू कर रही है, जो छात्रों के शोध को ...
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प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥