परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
सोमवार, 31 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ जहाँ प्रयास है वहीं सफलता है।Meaning_en: Success cannot be achieved without hard work and determination.Meaning_hi: बिना कठिन परिश्रम और संकल्प के सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती।person_ref:{"slug":"m-v-dhond","name_mr":"म. वा. धोंड","auto_create":true,"birth_date":"1914-10-03","death_date":"2007-12-05","name_en":"M. V. Dhond","name_hi":"M. V. Dhond","person_type":"Critic","short_bio_en":"A renowned Marathi literary critic.","short_bio_mr":"एक नामांकित मराठी साहित्यिक समीक्षक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Madhukar_Vasudev_Dhond"} ❞
कठोर परिश्रमाशिवाय यश प्राप्त होत नाही.
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →Shivaji Sawant
'मृत्युंजय' या कादंबरीचे लेखक.
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जेथें अर्जुना हें संन्यासपण । तेंचि योगु जाण । म्हणूनि दोन्ही एकचि हें प्रमाण । मानिजे गा ॥
📖 विस्तार →हे अर्जुना, ज्याला आपण संन्यास म्हणतो, तोच खरोखर योग आहे. त्यामुळे संन्यास आणि योग हे दोन्ही एकच आहेत असे तू मान.
म्हणोनि तूं अर्जुना | या कर्मातें न संडीं पां | परि फळाची वासना | सांडीं वेगीं || १७३ ||
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, तू तुझे कर्तव्य कर्म सोडू नकोस, पण त्या कर्माच्या फळाची आशा मात्र त्वरित सोडून दे.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
प्रणव मुखर्जी यांचे निधन
2020
राजकुमारी डायना यांचे अपघाती निधन
1997
अण्णासाहेब पाटील यांचा स्मृतीदिन
1982
अमृता प्रीतम यांचा जन्म
1919एस. आर. बोम्मई यांचे निधन
2004बेअंत सिंग यांची हत्या
1995किर्गिस्तानचा स्वातंत्र्य दिन
1991राजकुमार राव यांचा जन्म
1984पोलंडमध्ये 'सॉलिडारिटी' चळवळीचा विजय
1980संदीप कुलकर्णी यांचा जन्म
1978जवागल श्रीनाथ यांचा जन्म
1969गोपाळ स्वरूप पाठक भारताचे उपराष्ट्रपती बनले
1969रॉकी मार्सियानो यांचे निधन
1969कॅलिफोर्निया अमेरिकेतील सर्वाधिक लोकसंख्येचे राज्य
1964त्रिनिदाद आणि टोबॅगो स्वातंत्र्य दिन
1962मलेशिया स्वातंत्र्य दिन
1957राज्य पुनर्रचना अधिनियमाला राष्ट्रपतींची संमती
1956गिरीश कासारवल्ली यांचा जन्म
1944शिवाजीराव गिरधर पाटील यांचा जन्म
1940ग्लॅविझ घटना (दुसऱ्या महायुद्धाची ठिणगी)
1939जी. व्ही. अय्यर यांचा जन्म
1928जगातील पहिले रेडिओ बातमीपत्र
1920थॉमस एडिसन यांना कायनेटोस्कोपचे पेटंट
1897जॅक द रिपरची पहिली शिकार
1888मारिया माँटेसरी यांचा जन्म
1870विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →'भारत छोडो' आंदोलन: स्वातंत्र्याच्या हाकेचा दिवस (८ ऑगस्ट १९४२)
८ ऑगस्ट १९४२ हा भारतीय इतिहासातील एक सुवर्ण अक्षरांनी कोरलेला दिवस. याच दिवशी महात्मा गांधींनी 'भारत...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥