परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शुक्रवार, 28 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ विज्ञान और तर्क अंधविश्वास पर विजय पाने के शस्त्र हैं।Meaning_en: It is necessary to adopt rationalism and a scientific temperament.Meaning_hi: बुद्धिवाद और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।person_ref:{"slug":"dr-shriram-lagoo","name_mr":"डॉ. श्रीराम लागू","auto_create":true,"birth_date":"1927-11-16","death_date":"2019-12-17","name_en":"Dr. Shriram Lagoo","name_hi":"Dr. Shriram Lagoo","person_type":"Actor/Activist","short_bio_en":"A legendary actor and a rationalist activist.","short_bio_mr":"एक दिग्गज अभिनेते आणि बुद्धिप्रामाण्यवादी कार्यकर्ते.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Shriram_Lagoo"} ❞
बुद्धिप्रामाण्यवाद आणि वैज्ञानिक दृष्टीकोन अंगीकारणे गरजेचे आहे.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि संन्यासी तोचि जाणावा । जो न मनीं द्वेषु न धरी हेवा । आणि कांहींच न वांछावा । तोचि नित्य संन्यासी ॥
📖 विस्तार →ज्याला कोणाबद्दलही द्वेष वाटत नाही, जो कोणाचा मत्सर करत नाही आणि ज्याच्या मनात कोणतीही भौतिक इच्छा उरलेली नाही, त्यालाच खरा आणि कायमचा संन्यासी समजावे.
जेथ अज्ञानाचा लवो। नाही तया ठावो। तेथ मी तू हा भावो। उरेल कैचा॥
📖 विस्तार →जिथे अज्ञानाचा थोडासाही अंश उरत नाही, तिथे 'मी' आणि 'तू' असा भेदभाव कसा काय शिल्लक राहील?
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
प्रधानमंत्री जन धन योजनेचा शुभारंभ
2014
अण्णा हजारे यांनी उपोषण सोडले
2011
शंतनुराव किर्लोस्कर पुण्यतिथी
1994
मार्टिन ल्यूथर किंग ज्युनियर यांचे 'आय हॅव अ ड्रीम' भाषण
1963
एम. जी. के. मेनन यांचा जन्म
1928
गिरिजा देवी यांचा जन्म
1924
फिराक गोरखपुरी यांचा जन्म
1896अर्पिंदर सिंगचे आशियाई खेळांत सुवर्णपदक
2018डोकलाम वादावर पडदा
2017आर. प्रज्ञानंद यांचा जन्म
2005प्रिन्स चार्ल्स आणि डायना यांचा घटस्फोट
1996भाग्यश्री ठिपसे यांची यशोगाथा
1986विद्या पिल्लई यांचा जन्म
1984सी. एम. त्रिवेदी यांचे निधन
1983प्रिया दत्त यांचा जन्म
1966अभिनेता दीपक तिजोरी यांचा जन्म
1961गोपीनाथ मोहंती यांचा जन्म
1941टी. जी. लिंगप्पा यांचा जन्म
1929नेहरू अहवालाचा स्वीकार
1928इटलीची जर्मनीविरुद्ध युद्ध पुकारणी
1916रिचर्ड टकर यांचा जन्म
1913माँटेनेग्रो साम्राज्याची स्थापना
1910शनीच्या कड्याचा शोध
1850सायंटिफिक अमेरिकनचा पहिला अंक प्रकाशित
1845गुलामगिरी निर्मूलन कायदा संमत
1833इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: दवाखान्यात संवाद आणि प्रेपोझिशन्स
स्थळदर्शक शब्दयोगी अव्यये (In, On, At)
- fever — बुखार
- medicine — दवा
- appointment — मिलने का समय
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →हिरोशिमा दिनाचे धडे: शांतता आणि जागतिक सलोख्याचे महत्त्व | परिपाठ
आज, ६ ऑगस्ट २०२६ रोजी आपण हिरोशिमा दिनाचे स्मरण करत असताना, युद्धाच्या भीषण परिणामांची आणि शांततेच्य...
⏱️ 9 min read
हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
⏱️ 20 min read
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min read
1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥