परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
सोमवार, 24 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है।Meaning_en: We can remove social ignorance and darkness through education.Meaning_hi: हम शिक्षा के माध्यम से सामाजिक अज्ञानता और अंधकार को दूर कर सकते हैं।person_ref:{"slug":"balshastri-jambhekar","name_mr":"बाळशास्त्री जांभेकर","auto_create":true,"birth_date":"1812-01-06","death_date":"1846-05-17","name_en":"Balshastri Jambhekar","name_hi":"Balshastri Jambhekar","person_type":"Journalist","short_bio_en":"The father of Marathi journalism and founder of 'Darpan'.","short_bio_mr":"मराठी पत्रकारितेचे जनक आणि 'दर्पण'चे संस्थापक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Balshastri_Jambhekar"} ❞
शिक्षणाद्वारे आपण समाजातील अंधकार दूर करू शकतो.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि विषयांचां ठायीं । जयाचें प्रेम मुळींच नाहीं । तोचि पूर्णप्रज्ञ पाही । स्थिरबुद्धि ॥ १८३ ॥
📖 विस्तार →म्हणून ज्याचे इंद्रियांच्या विषयांकडे (जसे की चव, स्पर्श, रूप) अजिबात लक्ष किंवा ओढ नाही, तोच खरा ज्ञानी आणि स्थिर बुद्धीचा माणूस आहे असे समज.
म्हणोनि कर्माचिया स्थिती । कर्माकर्मे न बाधती । जेथ अर्जुना हे प्रतीति । आरूढली ॥ २२६ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, ज्याला हे आत्मज्ञान प्राप्त झाले आहे, त्याला कर्माच्या कोणत्याही स्थितीमुळे किंवा कर्मा-अकर्मामुळे कोणतेही बंधन येत नाही.
दिन विशेष 28
सर्व पहा →
अरुण जेटली स्मृतीदिन
2019
प्लुटो ग्रहाचा दर्जा रद्द
2006
विंडोज ९५ लाँच झाले
1995
व्ही. व्ही. गिरी यांनी राष्ट्रपतीपदाची शपथ घेतली
1969
रामकृष्ण गोपाळ भांडारकर स्मृतीदिन
1925
शिवराम हरी राजगुरू जन्म
1908
बाळासाहेब गंगाधर खेर जन्म
1888
कलकत्ता शहराची स्थापना
1690सत्येन कप्पू स्मृतीदिन
2007रशियामध्ये दोन विमानांचा घातपात
2004दीनानाथ दलाल स्मृतीदिन
1993युक्रेनचा स्वातंत्र्य दिन
1991व्हॉयेजर २ नेपच्यूनच्या जवळ
1989काका कालेलकर स्मृतीदिन
1981फक्रुद्दीन अली अहमद यांनी राष्ट्रपतीपदाची शपथ घेतली
1974गेतुलिओ व्हार्गास यांची आत्महत्या
1954पाओलो कोएल्हो जन्म
1947रघुवरन जन्म
1943अंजली देवी जन्म
1927सिकंदर बख्त जन्म
1918पहिल्या महायुद्धातील 'बॅटल ऑफ मान्स'
1914बीना दास जन्म
1911जॉर्ज लुईस बोर्जेस जन्म
1899थॉमस एडिसनने मोशन पिक्चर कॅमेरा पेटंट केला
1891कवी नर्मदाशंकर लालशंकर दवे (नर्मद) जन्म
1833विल्यम हॉकिन्सचे सुरतमध्ये आगमन
1608गुटेनबर्ग बायबलची छपाई पूर्ण
1456माउंट विसुव्हियसचा उद्रेक
79इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: शब्दयोगी अव्यये: ठिकाण दर्शवणारे शब्द
ठिकाण दर्शवणारी शब्दयोगी अव्यये (In, On, At)
- Passenger — यात्री
- Destination — गंतव्य
- Ticket — टिकट
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →हिरोशिमा दिनाचे धडे: शांतता आणि जागतिक सलोख्याचे महत्त्व | परिपाठ
आज, ६ ऑगस्ट २०२६ रोजी आपण हिरोशिमा दिनाचे स्मरण करत असताना, युद्धाच्या भीषण परिणामांची आणि शांततेच्य...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥